4 Amazing Benefits of Sankatmochan Hanumanashtak

Sankatmochan Hanumanashtak : हिंदू धर्म के अनुसार हनुमानजी की एक घटना बहुत ज्यादा प्रचलित है और इस घटना के आधार पर ही संकट मोचन हनुमानाष्टक लिखा गया है ऐसा कहा जाता है कि एक घटना के अनुसार बचपन में भगवान श्री हनुमान जी सूर्य को आम फल समझकर उसे खाने के लिए उनकी ओर बढ़ते हैं और वह अपनी भूख को शांत करने के लिए सूर्य को मुंह में रख जाते हैं और इसी की वजह से पूरे ब्रह्मांड में एक तरह का अंधेरा छा जाता है क्योंकि वह सूर्य को अपने मुंह में रख लेते हैं तो इसी का उल्लेख करते हुए संकटमोचन हनुमानाष्टक लिखा गया है और यह इस ही घटना का उल्लेख करता है।

4 Amazing Benefits of Sankatmochan Hanumanashtak

Sankatmochan Hanumanashtak ( संकटमोचन हनुमानाष्टक)


हिंदू धर्म में इस चीज का काफी ज्यादा विश्वास है कि यदि आप नियमित तौर पर इसे पढ़ते हैं तो आपके जीवन में सुख समृद्धि आती है और भगवान हनुमान जी की आप पर कृपया प्राप्त होती है ऐसा कहा जाता है कि यह बाल कांड में एक ऐसा घटना है जिसे भगवान की बाल लीला भी कहा जाता है और इसी बाल लीला के चलते ऐसा कहा जाता है कि जब भी ऐसा हुआ था तब देवताओं ने आग्रह किया उसके बावजूद हनुमान जी ने सूर्य को अपने मुख से नहीं निकाला था बहुत आग्रह करने के बाद ही उन्होंने अपने मुख से सूर्य को निकाला और पृथ्वी पर प्रकाश लौटा।

यदि हम बात करें इस संकटमोचन Hanumanashtak की तो यह कुछ इस प्रकार कहा गया कि

बाल समय रवि भक्ष लियो तब तीनो लोक भयो यह जग को यह संकट काहू सो जात ना डारो देवेन आनि करी बिनती तब छाड़ दियो रवि कष्ट निवारो को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो।

atmochan Hanumanashtak ( संकटमोचन हनुमानाष्टक)

बालि की त्रास कपीस बसे गिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो चौकी महा मुनि श्राप क्यों तब चाहे कौन विचार विचारों के महाप्रभु सो तुम दास के शोक निवारो को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो।

अंगद के संग लेन गए सिय खोज कपीस यह बैन हो चारों जीवित ना बची हो हम सोचो बिना सुधि लाए इहां पगु धारो हेरि थके तट सिंधु सबै तब लाए सिया सुधि प्राण मारो को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो

रावण त्रास दई सिय को तब राक्षसी सों कहि शोक निवारो ताहि समय हनुमान महाप्रभु जाय महा रजनी चर मारो चाहत सिया अशोक सों आगि सु दै प्रभु मुद्रिका शोक निवारो को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो।………..

atmochan Hanumanashtak ( संकटमोचन हनुमानाष्टक)

Benefits of Sankatmochan Hanumanashtak

1) यदि आप इसे नियमित तौर पर पढ़ते हैं तो आपके जीवन में सुख समृद्धि तो आती ही है और आपके कष्ट भी कम होते हैं।

2) आपके जीवन में भय का नाश करने वाला होता है।

3) यदि आप नियमित तौर पर इसे पढ़ते हैं तो आप को सद्बुद्धि आती है।

4) हर मंगलवार यदि आप साथ मंगलवार इसे नियमित तौर पर पढ़ते हैं तो आपको नौकरी पाने में आसानी हो जाती है और अच्छी नौकरी आपको मिलती है।

atmochan Hanumanashtak ( संकटमोचन हनुमानाष्टक)

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FAQ

क्या संकटमोचन हनुमानाष्टक हनुमान चालीसा का ही एक हिस्सा है?

जी हां संकट मोचन Hanumanashtak हनुमान चालीसा का ही एक हिस्सा है।

क्या हम नियमित तौर पर इसका पाठ कर सकते हैं?

जी हां आपने हमें तौर पर Hanumanashtak का पाठ कर सकते हैं संकटमोचन हनुमानाष्टक एक ऐसा पाठ है जिसे यदि आप नियमित तौर पर करते हैं तो आपके जीवन में सुख समृद्धि के साथ-साथ भय का विनाश होता है और आपके संकट भी कटते हैं।

क्या संकटमोचन हनुमानाष्टक रामायण का हिस्सा है?

संकटमोचन हनुमानाष्टक श्री हनुमान जी भगवान की बाल कांड में से एक घटना है जिसका उल्लेख हमने ऊपर इस आर्टिकल में किया है।

Final Words

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम लोगों ने आपको यह बताया कि संकटमोचन हनुमानाष्टक पाठ का क्या महत्व है और इसी के साथ साथ हमने आप लोगों को यह भी बताया कि यह होता क्या है हम आशा करते हैं कि आप लोगों को यह आर्टिकल पसंद आया होगा अपना कीमती वक्त निकालकर इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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