General Bipin Rawat Biography in Hindi | जनरल बिपिन रावत की जीवनी

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General Bipin Rawat Biography : 8 दिसंबर 2021 का दिन भारत के इतिहास में एक शोक भरे दिन के तौर पर चुना जाएगा क्योंकि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कोई अक्टूबर में एक हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल बिपिन रावत ने अपनी पत्नी और 13 भारत के सपूत के साथ में इस दुनिया को अलविदा कहा । बहुत भारी मन से इस बात को मानना पड़ रहा है पर यही सत्य है।
General Bipin Rawat Biography : 8 दिसंबर 2021 का दिन भारत के इतिहास में एक शोक भरे दिन के तौर पर चुना जाएगा क्योंकि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कोई अक्टूबर में एक हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल बिपिन रावत ने अपनी पत्नी और 13 भारत के सपूत के साथ में इस दुनिया को अलविदा कहा । बहुत भारी मन से इस बात को मानना पड़ रहा है पर यही सत्य है।

General Bipin Rawat Biography : 8 दिसंबर 2021 का दिन भारत के इतिहास में एक शोक भरे दिन के तौर पर चुना जाएगा क्योंकि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कोई अक्टूबर में एक हेलीकॉप्टर हादसे में जनरल बिपिन रावत ने अपनी पत्नी और 13 भारत के सपूत के साथ में इस दुनिया को अलविदा कहा । बहुत भारी मन से इस बात को मानना पड़ रहा है पर यही सत्य है।

General Bipin Rawat Biography
General Bipin Rawat Biography

General Bipin Rawat Carrier

जनरल बिपिन रावत का सैन्य कैरियर बहुत ही खासा दिलचस्प रहा था 1978 16 दिसंबर का आवेदन था जब जनरल बिपिन रावत का 11 गोरखा राइफल्स के पांचवी बटालियन में नियुक्ति हुई और उन्होंने अपना सैन्य कार्यकाल शुरूआत किया । उन्होंने आतंकवादी रोधी अभियानों को चलाने के लिए 10 साल बिताए और मेजर से लेकर वर्तमान सीडीएस बनने तक का सफर में उन्होंने बहुत सारे चुनौतियों का सामना किया । उसी के साथ साथ हर एक कार्यभार को बखूबी निभाया।

जनरल बिपिन रावत ने जम्मू कश्मीर में उरी में एक कंपनी की कमान में संभाली और उन्होंने उस वक्त उस जगह पर बटालियन को संभालते हुए ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राइफल्स के 5 सेक्टरों कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में 1 अध्याय की कमान संभाली । इतना ही नहीं उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत सारे ऐसे कार्यों को अंजाम दिया जो कि सोचने में ही बहुत ज्यादा डरावने लगते हैं।

18 Important Awards Of General Bipin Rawat

जनरल बिपिन रावत का परिचय देने की हमें आवश्यकता तो नहीं है यह अपने आप में ही एक ऐसे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे जिनके नाम से है दुश्मनों के दिल में डर पैदा हो जाता था चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए और यही नहीं उसी के साथ-साथ इनके नाम पर बहुत बड़े बड़े किससे और बहुत सारे पदक भी हैं ।

प्रेम बात करें तो जनरल बिपिन रावत का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी में हुआ था और उनके पिता भी भारतीय सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं जिनका नाम लक्ष्मण सिंह रावत था वह अपने सेना काल में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुंचे और उन्होंने भी इनकी जैसे ही भारत माता का नाम ऊंचा किया।

जनरल बिपिन रावत के नाम पर बहुत सारे बदक और सम्मान हैं और उन्होंने अपने 40 वर्ष के कार्यकाल में अपने हर एक डिसीजन से दुश्मनों को धूल चटाई है यही नहीं विपिन रावत को उनके दोस्त वीरा के नाम से जानते थे और वह जितने बड़े और उच्च पद पर थे उतने ही जमीन से जुड़े हुए मिले तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि उनके नाम पर वह कौन कौन से पदक और सम्मान थे।

1) सेना मेडल
2) उत्तम युद्ध सेवा मेडल
3)अति विशिष्ट सेवा पदक
4)युद्ध सेवा पदक
5) ऑपरेशन पराक्रम मेडल
6) सेना मेडल
7) विशिष्ट सेवा पदक
8)सैन्य सेवा मेडल
9) ऑपरेशन पराक्रम मेडल


10) विशेष सेवा पदक
11) उच्च ऊंचाई सेवा पदक
12) विदेश सेवा मेडल
13) स्वतंत्रता पदक की 50 वी वर्षगांठ
14) 20 साल लंबी सेवा पदक
15) 30 वर्ष लंबी सेवा पदक
16) 9 साल लंबी सेवा पदक
17) मोनुस्को।
18) घाव पदक

इसी के साथ-साथ उनके नाम बहुत सारे सम्मान भी थे जैसा कि हम सब जानते ही हैं कि वह पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ चुने गए और यह तीनों सेनाओं के चीफ के तौर पर काम करते थे।

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FAQ

How General Bipin Rawat died ?( General Bipin Rawat की मृत्यु कैसे हुई?)

General Bipin Rawat की मृत्यु हेलीकॉप्टर हादसे मैं 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई।

General Bipin Rawat CDS age ?(जनरल बिपिन रावत की उम्र कितनी थी?)

जनरल बिपिन रावत के उम्र 65 वर्ष थी उनका जन्म 16 मार्च 1958 पौड़ी उत्तराखंड में हुआ था और उनकी मृत्यु 8 दिसंबर 2021 को एक हेलीकॉप्टर हादसे के दौरान कुन्नूर तमिलनाडु में हुई।

Who was the First Chief of defence staff ?( Chief if Defence staff कौन थे?)

जनरल बिपिन रावत सबसे पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने थे

Final Words

इस आर्टिकल के माध्यम से हम लोगों ने जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है और भारत माता के वीर सपूत के शौर्य और जज्बे को याद करते हुए भगवान से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को शांति मिले और उन सब वीर सपूतों की आत्मा को शांति मिले जिन्होंने इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गवाई है।

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