Holi Festival nibandh in Hindi | 5 Important Points on importance of Holi Festival

Holi Festival nibandh in Hindi:-

जभी तो हारो की बात आती है तो सबसे पहला नाम हमारे दिमाग में आता है वह आता है होली के त्यौहार का होली एक ऐसा त्यौहार है जो रंगों से भरा हुआ है और हमारे देश में से बहुत धूमधाम से मनाया जाता है यह एक ऐसा त्यौहार है जो बहुत अलग तरीके का रोमांस लेकर आता है और इस त्यौहार को इसीलिए हम बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि पूरे साल इस त्योहार पर ही इतनी धूमधाम होती है जितना कि किसी और से बात भी नहीं होती

Holi Festival nibandh in Hindi: 5 Important Points on importance of Holi Festival

जिस हिसाब से रंग उड़ाए जाते हैं और उस हिसाब से रंग खेले जाते हैं और भी ज्यादा रोमांचित करने वाला होता है और इस त्यौहार की मैं इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इस त्यौहार में बुराई की और अच्छाई की जीत के तौर पर बनाए जाते हैं।
तो आज के इस के माध्यम से हम आप लोगों को बताएंगे कि होली का त्यौहार क्यों ज्यादा महत्व रखता है और होली के त्यौहार से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें हम इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को बताने का प्रयास करेंगे।

Holi Story in Hindi ( Holi क्या है?)

सबसे पहले कुछ लोग जानते हैं कि होली का मतलब क्या होता है ऐसा कहा जाता है कि इसके पीछे भी एक कहानी है और इस कहानी के चलते हम इस त्योहार को मनाते हैं फ्री में बात करें इस कहानी की तो इस कहानी की शुरुआत होती है खेलने का सबसे जो कि एक बहुत ही गलवान राजा थे जिनके पुत्र का नाम प्रहलाद था और वह विष्णु भगवान की पूजा करते थे हिरण्यकश्यप को यह बिल्कुल पसंद नहीं आता था कि विष्णु भगवान की आराधना उनके पुत्र करें और जब भी
प्रहलाद हिरण्यकश्यप की आराधना करते तो

उन्हें बहुत बुरा लगता था एक बार की बात है जब होली का जो कि रहने का सब की बहन थी जिन्हें अगली अगली जला नहीं सकती थी ऐसा वरदान था वह अपने भाई से मिलने आए और प्रहलाद को लेकर वह अग्नि की वेदी पर बैठ गई उन्हें ऐसा लगा कि उनके प्रधान की वजह से भी नहीं चलेंगे और जैसे ही उन्होंने आग जलाई तो आकाशवाणी हुई और आकाशवाणी में कहा गया और उन्हें याद दिलाया गया कि यदि वह अपने वरदान का दुरुपयोग करेंगे तो उन्हें वरदान छीन लिया जाएगा

और वैसा ही हुआ और उस आग में प्रहलाद भगवान विष्णु की उपासना करते रहे और वह बच गए और होलिका जल गई इसी के साथ-साथ पूरी प्रजा ने उस दिन हर्षोल्लास मनाया और खुशियां मनाई और आज तक भी होली के त्यौहार को इसी तरह से बनाया जाता है बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर।

Holi कैसे मनाते हैं

हम बात करें होली कैसे मनाते हैं तो Holi पूरे भारतवर्ष में बहुत धूमधाम से मनाई जाती है ऐसा कहा जाता है कि अलग-अलग हिस्से में भारत के अलग-अलग तरीके से होली क्यों मनाई जाती है होली का त्यौहार है जो फागुन महोत्सव के तौर पर बनाई जाती है और इस त्यौहार की बहुत दिनों पहले ही तैयारी शुरू कर दी जाती है होली को मनाने के तरीके ऐसा है कि पहले दिन तो होली जलाई जाती है जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत माना जाता है और उसके अगले दिन खेला जाता है

और रंग खेलने के साथ में ऐसा भी कहा जाता है कि कई जगह होली के तौर पर मनाया जाता है और उसी के साथ स्थानों पर होली गाने बजाने के साथ मनाई जाती है महाराष्ट्र में रंग पंचमी के नाम से मनाई जाती है लोग टोली बनाकर रंग लगाकर एक दूसरे को बुरा ना मानो होली है कहते हुए त्यौहार को मनाते हैं।

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Final Words

हम आशा करते हैं कि आप लोगों को यह आर्टिकल पसंद आया होगा अपना कीमती वक्त निकालकर इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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