5 Amazing Facts About Sukhi Jeevan: Sukhi Jeevan ka Rahsya in Hindi

Sukhi Jeevan ka Rahsya : हम सभी को जीवन में कुछ ना कुछ किसी ना किसी तरह से परेशान करता रहता है हम सभी लोग जीवन में सुखी जीवन चाहते हैं और इसी की वजह से हम सभी अपने जीवन में प्रयत्न करते रहते हैं तो आज के आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को ऐसे कुछ रहस्य बताएंगे जिसके साथ साथ आप अपने जीवन को पूरी तरह से बोल सकते हैं और उसी के साथ साथ हम आप लोगों को कुछ ऐसे इंटरेस्टिंग फैक्ट्स बताएंगे जिससे आपके जीवन में सुख और समृद्धि आएगी आज के कहानी के माध्यम से हम आप लोगों को जीवन सुखी कैसे रख सकते हैं उसका रास्ता बताने जा रहे हैं।

5 Amazing Facts About Sukhi Jeevan: Sukhi Jeevan ka Rahsya in Hindi

Sukhi Jeevan ka Rahsya ( सुखी जीवन का रहस्य)

Sukhi Jeevan ka Rahsya : सुखी जीवन का रहस्य के बारे में यदि हम बात करें तो यह हम एक कहानी से समझ सकते हैं एक गांव में एक लड़का रहता था जो उनकी दुआएं करके उनके गद्दे बनाएं करता था ऐसा कहा जाता है कि उस गांव में वह इकलौता ही धुनाई कर के गद्दे बनाने वाला था और वह अपने जीवन में सही तरीके से आगे बढ़ रहा था और वह रोज उठता अपने काम पर जाता और शाम को काम से लौटते वक्त वह थोड़ी देर नदी किनारे बैठ था और अपने घर आ जाता 1 दिन की बात है जब वह अपने काम से लौट रहा था

5 Amazing Facts About Sukhi Jeevan: Sukhi Jeevan ka Rahsya in Hindi

Sukhi Jeevan ka Rahsya: तो उसके रास्ते में एक रेलवे फाटक पड़ता है और रेलवे फाटक पर वह प्रतिदिन रुकता था क्योंकि उस रेलवे फाटक का समय बंद होने का वही समय होता था जिस समय में वह अपने घर को लौट रहा हूं तथा एक दिन हुआ यूं कि जैसे ही वह अपने घर की ओर लौट रहा था तो उसने अपने जीवन में पहली बार एक पूरी की पूरी ट्रेन रुई से भरी हुई देखी और वह उसी के बाद से थोड़ा चिंता में पड़ गया

Sukhi Jeevan ka Rahsya: अब चिंता में पड़ने की वजह किसी को नहीं समझ में आई वजह से घर लौट रहा था उसके दिमाग में बस यही चल रहा था कि वह रुई जो पूरे ट्रेन में भर के जा रही थी उसे कौन बनेगा और यही कहता हुआ सोचता हुआ मैं अपने घर लौट आया उसने खाना नहीं खाया वह यूं ही सोच में लेटा रहा ।

5 Amazing Facts About Sukhi Jeevan: Sukhi Jeevan ka Rahsya in Hindi

Sukhi Jeevan ka Rahsya : उसके बाद वे प्रतिदिन अपने काम पर जाता पर उसका मन काम में नहीं लगता और वह धीरे-धीरे धीरे-धीरे बीमार पड़ने लगा उसका खाना भी छूट गया उसके नींद भी नहीं आने की आस्था आ गई और जैसे कि वह अपने जीवन में सब कुछ खराब कर चुका था और वह स्वास्थ्य से भी बहुत पीड़ा में था 1 दिन उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई और धीरे-धीरे उसका जीवन आनंद की ओर चल पड़ा था क्योंकि उसने बिस्तर पकड़ लिया था और

Sukhi Jeevan ka Rahsya: उसके परिवार वाले भी बहुत परेशान थे सब लोगों ने अब आज छोड़ दी थी और वह यही समझ बैठे थे कि अब उसे बचाना मुश्किल हो जाएगा।

Sukhi Jeevan ka Rahsya: इस गांव में एक महर्षि रहा करते थे जो कि मंदिर में अपनी पूजा पाठ करते और एक दिन वह उसके घर के बाहर से गुजर रहे थे उसके माता-पिता ने महर्षि से आग्रह किया कि आप एक बार हमारे पुत्र के पास आकर उसे समझाएं या फिर उसका कोई उपचार हो तो हमें बताएं मशीनें उनके आने पर उस पत्र से मिलने का फैसला किया और जैसे ही मार से उनके घर पहुंचे तो वह उसके पास बैठ गए उन्होंने सारा शरीर उसका देखा तो उन्हें कोई बीमारी प्रतीत नहीं हुई महर्षि उसके पास बैठे थे

5 Amazing Facts About Sukhi Jeevan: Sukhi Jeevan ka Rahsya in Hindi

Sukhi Jeevan ka Rahsya: तो मैं धीरे-धीरे कुछ गड़बड़ आ रहा था मार्शल अपना काम उसके बातों पर लगाया तो उन्हें यह सुनाई दिया कि अब उस रूई को कौन धुनेगा अब उस रूई को कौन धुनेगा ।

Sukhi Jeevan ka Rahsya: महर्षि को वह बात समझ नहीं आई और उन्होंने उस आदमी से सारी कहानी पूछी मासी को समझ में आ चुका था कि यह बीमारी का शिकार नहीं है यह अपने दिमाग का शिकार है और उन्होंने उस आदमी के कान में जा कर कह दिया कि वह ट्रेन में आग लग गई और वह पूरी हुई जल गई यह सुनते ही मैं उठ खड़ा हुआ और खुशी से चिल्लाने लगा उस रात उसने खाना भी खाया

Sukhi Jeevan ka Rahsya: और धीरे-धीरे उसका स्वास्थ्य संबंधित सारी परेशानी भी दूर हो गई अब गांव में जगह कम होने लगा मासी का और सब उन्हें चमत्कारिक बाबा के नाम से जाने लगे तभी ने सबको बुलाया और यह समझाया कि उस आदमी को कोई बीमारी नहीं थी बस वह सिर्फ एक चिंता का शिकार था जो भी उसमें खुद ही पानी हुई थी।

Moral (शिक्षा )

Sukhi Jeevan ka Rahsya: इस कहानी से हमें सीखते हैं कि यदि हमें सुखी जीवन बिताना है तो हमारे को भी फिजूल की चिंता नहीं करनी चाहिए और हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो भी होना है वह हमारे हाथ में नहीं होता हमें सिर्फ अपने कर्मों पर ही ध्यान देना चाहिए यदि हम अपने कर्मों को छोड़कर आगे पीछे की चीजों के बारे में सोचते हैं तो हम अपने जीवन में बहुत पीछे हो जाते हैं।

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Final Words For 5 Amazing Facts About Sukhi Jeevan : Sukhi Jeevan ka Rahsya in Hindi

हम आशा करते हैं कि आप लोगों को यह आर्टिकल पसंद आया होगा अपना कीमती वक्त निकालकर इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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