50 amazing Life Changing Stories: Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani तो आज इस कहानी संग्रह में हम आप लोगों के लिए लेकर आए हैं मूर्ख बगुला और नेवले की एक दिलचस्प कहानी इस कहानी के माध्यम से मैं आप लोगों को बताना चाह रहे हैं कि कैसे आप को मूर्खता बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए और दूसरों की बातों पर बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए और आंख मूंदकर किसी पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

इस कहानी के माध्यम से हम आप लोगों को यह बताने का प्रयास करेंगे कि कैसे दूसरे लोग आप की आंखों पर पट्टी बांध देते हैं और यदि आप उन पर आंख बंद करके विश्वास करते हैं तो आप अपने जीवन को ही संकट में डाल लेते हैं सुनते हैं और समझते हैं कि हमें अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और कैसे हमें दूसरे लोगों पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए और हमें ऐसा क्यों करना चाहिए।

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

परी कहानी है एक बगुले की बगुला एक पेड़ के नीचे रहा करता था एक बरगद का पेड़ जहां एक बगुला रहा करता था वह अपने घोसले में अपने बच्चों के साथ में रहा करता था उस पेड़ के नीचे एक सांप का बिल था वह सांप का बिल में एक बहुत ही खूंखार साहब रहता था वह साहब जब भी बगुले के बच्चे होते तो उन्हें खा जाता और वह वापस अपने दिल में चला जाता बगुला

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

जब भी खाना लेने जाता है आप अपने पानी के लिए जाता तो वह साफ आता और चुपके से सांप बगुले के बच्चों को खा जाता इससे परेशान होकर बगुला तंग आ गया था और 1 दिन नदी किनारे बैठ कर रोने लगा की आंखों में आंसू थे तो एक केकड़ा बाहर निकल कर आया और पानी से बाहर आकर उसने बगुले के संकट का कारण पूछा उसने पूछा कि अब अगले भाई आप इतने परेशान क्यों है आपकी आंखों में आंसू क्यों है

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

बगुले की यह बात अवस्था देखकर केकड़े को संवारा तेरा साया लेने परेशान होते हुए कहा कि मेरे घोसले के नीचे एक सांप रहता है और मैं कितना भी अच्छा क्यों ना बना लूं वह मेरे घोसले में से मेरे बच्चों को खा जाता है और अब मैं परेशान आ गया हूं इस चीज को देखकर कि पहले तो बगुले की व्यथा सुनी और उसके मन में भी गुस्सा आ गया क्योंकि बगुला भी केकड़े के बच्चों को खा जाता था जब भी बगुला पानी पीने आता था तो वह कितने के बच्चों को खा जाया करता था कि

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

कड़े को भी अपना दुख याद आ गया और उसने बगुले से बदला लेने की ठानी उसने कहा कि क्यों ना तुम सामने वाले पेड़ में रह रहे नेवले को सांप की तरफ बुलाओ और जिससे कि सांप और नेवले में लड़ाई होगी और सांप नेवला मार देगा बगुले कोई है युक्ति बड़ी अच्छी लगी पर उसने यह बिल्कुल भी नहीं सोचा कि नेवला तो उसका भी दुश्मन है नेवला यदि सांप को मारने आएगा तो क्या पता मैंने बोला उसे भी मारना देने आता वह मांस के टुकड़े लेकर नेवले के पेड़ से सांप के बिल तक रखने लगा

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

जैसे ही नेवले को इस बात का आभास हुआ वह सांप के बिल की ओर बढ़ता रहा बढ़ता रहा और अंत में उसने सांप के बिल में जाकर सांप को मार दिया और उसकी नजर बगुले पर पड़ी और सांप को मारने के बाद बगुले को भी निर्णय ने मार दिया और अंत में वहां नेवला रहने लगा बगुले की मूर्खता की वजह से उसके अपनी जान गवानी पड़ी और मैंने भी अपना बदला पूरा ले लिया इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि हमें यह नहीं पता होता कि कौन हमारा चाहने वाला है और कौन हमारा बुरा चाहने वाला है।

YOU CAN ALSO READ

50 amazing Life-Changing Stories: Raja Parikshit Story Hindi Kahani

Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

50 amazing Life Changing Stories : Murkha Bagula Aur Nevla Hindi Kahani

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जब भी हम आंख मूंदकर मूर्खता के साथ किसी पर विश्वास करते हैं तो हमें इस बात का ध्यान देना चाहिए कि वह हमारे लिए ही कष्टदायक होता है अंत में जाकर यदि हम किसी भी तरह से दिमाग का इस्तमाल नहीं करते किसी पर आंख मूंदकर विश्वास कर लेते हैं तो उसका खामियाजा हमें अपने जीवन में बहुत बुरी तरह से उठाना पड़ता है

और इसी की वजह से लोग इसका फायदा भी उठाते हैं जो कि बगुले के साथ हुआ बाबू लेने मूर्खता दिखाई और बिना कुछ सोचे समझे केकड़े पर विश्वास कर लिया जिसकी वजह से उसने अपनी जान भी गंवा दी इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी ऐसा नहीं करना चाहिए और दूसरों की बातों में आकर बिना कुछ सोचे समझे किसी भी तरह क्या डिसीजन नहीं लेना चाहिए।

Leave a Comment