50 amazing Life Changing Stories : Maut Ki Saja Hindi Kahani

Maut Ki Saja Hindi Kahani : हम सभी ने तेनाली रमन की बुद्धि के चर्चे तो बहुत सुने हैं और बहुत सारी कहानियों में ही देखा है कि तेनाली रमन बहुत ज्यादा बुद्धिमान व्यक्ति थे और इसी की वजह से उनके राजा कृष्णदेव उन पर आंख मूंदकर विश्वास करते थे और आज हम एक ऐसी कहानी लेकर आए हैं जिसमें तेनाली रमन खुद ही मुसीबत में फंस जाते हैं

Maut Ki Saja Hindi Kahani

पर हम इस कहानी के माध्यम से यह सीखेंगे कि हम भी मुश्किल वक्त में होते हैं तो हमें किस प्रकार अपने आपको उन विधाओं से निकालना होता है तो चलिए आज किस कहानी की शुरुआत करते हैं और हम आप लोगों को बताते हैं कि कैसे तेनाली रमन को राजा कृष्णदेव ने मौत की सजा सुनाई और कैसे तेनाली रमन उस सजा से बचें बिना किसी देर के चली कहानी की शुरुआत करते हैं।

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एक बार की बात है राजा कृष्णदेव के पास के ही एक राज्य के राजा को इस बात का डर हो गया था कि कहीं राजा कृष्णदेव उनके राज्य पर हमला न कर दे और कहीं ऐसा ना हो कि वह हमले करने के साथ-साथ उनका राज्य जीतने और उनके राज्य पर भी हक जताने आ जाएं क्योंकि राजा कृष्णदेव ने अपने आसपास के राज्य को भी अपने राज्य में इसी तरह से मिला लिया था

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क्योंकि उन्होंने वह राज्य जीत लिए थे और उस राज्य के राजाओं को उनके सामने घुटने टेकने पड़े थे इस डर के चलते उस राज्य के राजा ने राजा कृष्णदेव को मारने के लिए एक आदमी को भेजा और उस आदमी को कहा कि वह राजा को मार दे वह आदमी संयोगवश तेनालीरामा का दोस्त निकला और तेनाली रामा के दोस्त ने यह तरकीब आई की मैं तेनाली रामा के घर में जाकर रहूंगा क्योंकि तेनाली रामा के विश्वासपात्र है वह राजा तू इसी की वजह से मैं उन्हें तेनाली रामा के घर पर बुला लूंगा

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और तेनाली रामा के पीछे उनकी हत्या कर दूंगा वह को अंजाम देने के लिए तेनाली रामा के घर चला गया और अपने मित्र को देख कर बहुत ज्यादा खुश हुए और उन्होंने उस आदमी की अपने मित्र की बहुत ज्यादा आव भगत कि वह अपने मित्र को देख कर इतने प्रसन्न थे कि उन्होंने यह भी नहीं सोचा कि कैसे अचानक मित्र मेरे घर में आकर रहने लगा और ऐसा क्या कारण हुआ कि इतने सालों बाद मेरी याद आई जब कुछ दिनों बाद किसी कारणवश राज्य से बाहर जाना होता है तो वह खुशी-खुशी उसे जाने के लिए कह देता है Maut Ki Saja Hindi Kahani

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और अकेला ही तेनाली रमन के मित्र उस घर में रुकते हैं और तेनाली रमन का राजा को यह पत्र लिखकर भेजता है कि मैं आज आपको कुछ ऐसी चीज दिखाता हूं जो आपने कभी नहीं देखी होगी इसके लिए आपको मेरे घर पर आना होगा राजा भी उस पत्र की बातों में आकर बिना किसी सैनिकों के आ जाते हैं तेनाली रमन से मिलने और बिना किसी शास्त्रों के वह घर के अंदर चले जाते हैं और वह आदमी राजा पर वार कर देता है पर क्योंकि राजा युद्ध में कुशल थे Maut Ki Saja Hindi Kahani

इसी की वजह से वार को वह कॉल कर देते हैं और उस आदमी को मार देते हैं राजा कृष्णदेव को बड़ा गुस्सा आता है उन्हें लगता है कि तेनाली रमन भी इस कार्य में शामिल थे और वह उन्हें मृत्युदंड का आदेश देते हैं और उसी की वजह से उन्हें कारागार में तेनाली रमन को डलवाना पड़ता है तेनाली रमन राजा को समझाने का प्रयास करते हैं कि वह दोषी नहीं है ।

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राजा उनकी एक नहीं सुनते राजा उनसे कहते हैं कि मैं तुम्हारे लिए नियम नहीं बदल सकता पर राजा यह बोलते हैं कि क्योंकि तुम सबसे ज्यादा विश्वास पात्र सेन मंत्री थे मेरे राज्य के तो इसी की वजह से मैं तुम्हारी एक इच्छा जरूर मानूंगा कि तुम्हें किस प्रकार की मृत्यु चाहिए तेनाली रमन तपाक से कहते हैं बुढ़ापे की मृत्यु चाहिए मुझे राजन और इस बात को सुनते ही राजा मुस्कुरा देते हैं और कहते हैं कि तेनाली रमन आज तो फिर बच गए अपनी बुद्धिमानी की वजह से। Maut Ki Saja Hindi Kahani

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हमें इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी बुरे वक्त में अपने होशो हवास नहीं होने चाहिए अपने बुद्धि कौशल के दम पर हर परिस्थिति से बाहर निकलना चाहिए और उसी की वजह से हमें इस चीज का भी ध्यान देना बहुत जरूरी होता है कि कई बार हम आंख मूंदकर किसी भी व्यक्ति पर विश्वास कर लेते हैं पर हमें अपने जीवन में किसी भी व्यक्ति पर ऐसे ही विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि हमें कब कौन धोखा दे दे हमें इस बात का अंदेशा बिल्कुल भी नहीं होता है।

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