5 Amazing Facts About Martial Law : Martial Law Meaning in Hindi

Martial Law Meaning in Hindi : आजकल एक term आप लोगों ने कहीं ना कहीं सुनी होगी मार्शल Lawबहुत बार इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है पर बहुत कम ही लोग इसके बारे में जानते हैं तो आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप लोगों को बताएंगे कि माशाल्लाह होता क्या है और इसका आर्टिकल के माध्यम से में भी चर्चा करेंगे कि मार्शल लॉ कब लगाया जाता है किसी देश के द्वारा और मार्शल लॉ के लगने के बाद क्या-क्या चीज है आप लोगों को करना प्रतिबंधित हो जाता है और सेना का स्मार्ट सालों में क्या रोल होता है

Martial Law Meaning in Hindi

Martial Law Meaning in Hindi जब किसी देश में या किसी देश के किसी क्षेत्र में कभी भी ऐसी स्थिति आ जाती है जब न्याय व्यवस्था को संभालना देश की सरकार द्वारा मुश्किल हो जाता है तो ऐसे कानून लागू हो जाते हैं जहां की सरकार का नियंत्रण पूरी तरह से देश में खत्म हो जाता है ऐसा होता है तो इसको कहते हैं मार्शल law ।

What is Martial Law?( Martial law क्या होता है?)

तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि मार्शल लो होता क्या है यदि हम बात करें मार्शल लॉ की तो यह कैसा कानून होता है जिसमें हमने जैसा कि आपको बताया कि कभी भी किसी देश में है किस देश के हिस्से में ऐसी परिस्थितियां आती है जहां पर सरकार के द्वारा परिस्थितियां नहीं संभाली जाती तो वहां पर सरकार का नियंत्रण खत्म हो जाता है और इस न्याय व्यवस्था को सेना या सैन्य बल संभालता है और सैन्य बल के पास में सारी पावर चली जाती है

What is Martial Law?( Martial law क्या होता है?)

और जो भी कानून लागू होता है वह सेना के अधिकार में ही होता है इस हीरो को कहते हैं मार्शल लो या फिर सैनिक कानून आमतौर पर हम यह भी समझ सकते हैं कि यह उन क्षेत्रों में लगाया जाता है जहां की जहां की नागरिक सरकार का खत्म हो जाना और ऐसे समझ सकते हैं कि लोगों के द्वारा चुनी जाने वाली सरकार का पावर में ना रहना ही Martial Law कहलाता है।

When Martial Law imposed ?( Martial law कब लगाया जाता है ?)

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि माशाल्लाह कब लगाया जाता है ऐसा कहा जाता है कि मार्शल लॉ की घोषणा कब की जाती है जब देश के नागरिक अशांति या फिर उस राष्ट्र में या उस देश में अशांति फैल जाती है और आपातकालीन की स्थिति आ जाती है वहां पर ऐसी स्थिति बन जाती है जहां पर सरकार का कोई भी निर्णय लेना असंभव सा हो जाता है तब सेना को बुलाया जाता है और सेना अपने सारे पावर को टेकओवर कर लेती है और

When Martial Law imposed ?( Martial law कब लगाया जाता है ?)

उससे ही राष्ट्रीय संकट के समय में देश को बाहर निकालने का दायित्व होता है सेना के पास यह आवश्यक नहीं है कि यह मार्शल लॉ यदि लगाया जाए तो पूरे देश में लगाया जाए अगर किसी देश में शांति पहले हुए किसी से मैं तो सिर्फ उस हिस्से में भी लगाया जा सकता है और आम नागरिकों को उस समय में वर्तमान व्यवस्था को हटाकर मिलिट्री नियम लागू हो जाता है और उस समय जो भी मिलिट्री का फैसला होता है वही सर्वोपरि माना जाता है और ऐसी जगह पर यदि कोई उपद्रवी मिलता है यदि मिलिट्री चाहती है तो वह जो भी करना चाहे वही करती है उपद्रवियों को रोकने के लिए।

Military rights in Martial Law ( Martial Law में सेना के अधिकार)

जब भी marshal Law लगता है तो उस समय सेना को बहुत सारे अधिकार मिल जाते हैं और यदि हम बात करें उस अधिकारों की तो सेना को इस कानून के तहत एक स्थान पर जहां पर उपद्रव ज्यादा मजा होता है वहां पर कर्फ्यू लगाने की आजादी मिल जाती है और यदि कोई उसका लंदन करता है तो वह तुरंत उसे डिटेन कर देते हैं और उसी के साथ साथ जब जब यह घोषित होता है तो स्वतंत्रता ए नागरिकों की खत्म हो जाती है जैसे कि स्वतंत्र भाषण देने की आजादी और अनुचित खोजों से सुरक्षा दी से सस्पेंड हो जाता है।

Military rights in Martial Law ( Martial Law में सेना के अधिकार)


Law का मेन उद्देश्य यही होता है कि उपद्रवियों को रोकना और गैरकानूनी तरीके से लोगों को काम करने से रोकना और यह इसी तरह से डिजाइन किया गया है कि यहां पर यदि आपको एस्कॉर्ट पर से संबंधित कानून को भी इस लॉ के तहत सस्पेंड कर दिया जाता है और सेना को बिना किसी का सहारा लेने की संभावना के अनुच्छेद कालका के व्यक्तियों को हिरासत में रखने की इजाजत दे दी जाती है और इसी की वजह से उपद्रव रोकने की मुहिम में सेना काम करती है।

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हम आशा करते हैं कि आप लोगों को याद कर पसंद आया होगा अपना कीमती वक्त निकालकर इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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