Hartalika Teej 2021 कब मनाई जाएगी और किस राज्य में इसे कैसे मनाते हैं?

बहुत सारे लोगों में ये बहुत बड़ा उलझन का विषय है की Hartalika Teej 2021 कब मनाई जाएगी। Hartalika Teej 2021 दरअसल 11 अगस्त 2021 को मनाई जाएगी । जैसा कि हम जानते ही हैं कि हमारा देश भारत एक ऐसा देश है जिसमें त्योहारों को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है ।

हमारे हर 50 से 100 किलोमीटर के बीच में भाषा बदल जाती है, व्यक्तित्व बदल जाता है ,पानी बदल जाता है ,और लोगों के रहन सहन का तरीका भी बदल जाता है। पर एक चीज जो नहीं बदलती वह पूरे देश में है त्योहारों को मनाने का तरीका ।तो आज इस Article की मदद से हम यही जानेंगे कि हरियाली तीज और हरतालिका तीज किस दिन मनाई जाएगी वर्ष 2021 में । इस को मनाने के तरीके किस- किस राज्य में क्या-क्या है। तो चलिए ले चलें आपको Teej के इस त्यौहार की गहराई में।

Hartalika Teej 2021 कब मनाई जाएगी और किस  राज्य में इसे कैसे मनाते हैं?
Hartalika Teej 2021 कब मनाई जाएगी और किस राज्य में इसे कैसे मनाते हैं?

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On Which Date Hariyali Teej 2021 will be celebrated, Pooja Samagri, and Mohurat ?(हरियाली Teej 2021 किस Date को मनाई जाएगी, मुहूर्त और पूजा सामग्री)

ऐसा माना जाता है की हरियाली Teej सावन के महीने के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को मनाई जाती है । वर्ष 2021 में हरीयाली Teej हिंदू Calendar के अनुसार 11 अगस्त को मनाई जाएगी मतलब हरियाली Teej का व्रत इस वर्ष 2021 में 11 अगस्त को रखा जाएगा।

पंडित जनों के अनुसार Teej की पूजा शिवयोग में ही करना सबसे बेहतर होता है और 11 अगस्त को यह योग शाम 6:28 तक ही है इस योग में ही हरियाली Teej का व्रत रखा जाएगा वैसे तो रवि योग को भी शुभ माना जाता है । यह योग सुबह 9:32 से लेकर पूरा दिन रहेगा और यदि हम विजय मुहूर्त की बात करें तो वह मुहूर्त दोपहर 2:39 से दोपहर 3:32 तक रहेगा।

ऐसी मान्यता है की हरियाली तीज के दिन महिलाएं हरी चूड़ियां ,हरी साड़ी ,सिंदूर समेत सुहाग की सारी सामग्री को माता पार्वती को अर्पित करती हैं । यह भी मान्यता है कि पूजा के बाद महिलाएं अपने घर की बड़ी बुजुर्ग औरतों के पैर छुआ करते हैं तथा पैर छूकर उन्हें सुहाग की सारी सामग्री भेंट में दिया करती हैं और उनसे आशीर्वाद लिया करती हैं। 

On Which Date Kajari Teej 2021 will be celebrated, Pooja Samagri , and Mohurat ?( कजरी Teej 2021 किस Date को मनाई जाएगी, मुहूर्त और पूजा सामग्री )

ऐसी मान्यता है कि कजरी तीज पूरे देश में सावन की पूर्णिमा के तीसरे दिन मनाई जाती है । 

यदि हम वर्ष 2021 की बात करें तो Hariyali Teej 25 अगस्त 2021 को मनाई जाएगी । मतलब वर्ष 2021 में पूर्णिमा का तीसरा दिन 25 अगस्त 2021 को पड़ेगा।

25 अगस्त को ही Kajari Teej का व्रत रखा जाएगा यदि हम शुभ मुहूर्त की बात करें तो 25 अगस्त 2021 को शुभ मुहूर्त सुबह 10:52 से लेकर दोपहर के 12: 29 मिनट तक है। यदि हम लाभ मुहूर्त की बात करें तो वह मुहूर्त सुबह 6:03 से लेकर 7:39 तक है और यदि अमृत की मुहूर्त की बात करें तो वह मुहूर्त 7:39 से लेकर 9:16 तक है|

 यदि हम चर के मुहूर्त की बात करें तो यह मुहूर्त दोपहर 3:42 से लेकर शाम के 5:18 तक हैं हमें इस बात का भरपूर ध्यान रखना होगा कि दोपहर 12:29 से लेकर 2:05 तक रोग का मुहूर्त है तो इस बीच में पूजा करने से आपको बचना होगा। पूजा सामग्री की अगर हम बात करें तो आप लोगों को एकत्रित करना होगा मेहंदी, अगरबत्ती, हल्दी ,कुमकुम, मौली, सत्तू ,फल, मिठाई दान देने के लिए वस्त्र यह सब आपको पूजा सामग्री के लिए एकत्रित करना होगा।

On Which Date Hartalika Teej 2021 will be celebrated , Pooja Samagri, and Mohurat ?( हरतालिका Teej 2021 किस Date को मनाई जाएगी, मुहूर्त और पूजा सामग्री )

हिन्दू Calender के हिसाब से Hartalika Teej का व्रत हर साल भाद्रपद महीने की तीसरी तिथि को किया जाता है और यदि हम वर्ष 2021 की बात करें तो Hartalika Teej वर्ष 2021 में 9 सितंबर को मनाई जाएगी मतलब 9 सितंबर को वर्ष 2021 में भाद्रपद की तीसरी तिथि पड़ेगी।

यदि हम प्रथा कला Hartalika पूजा मुहूर्त की बात करें तो यह है मुहूर्त 2 घंटे 30 मिनट रहेगा जो कि सुबह 6:10 के से लेकर 8:39 तक रहेगा।यदि हम प्रदोष कला हरतालिका मुहूर्त की बात करें तो वह सुबह के 6:38 से शुरू होकर 8:57 पर खत्म होगा। यह मुहूर्त 2 घंटे 18 मिनट का है इसी बीच में आपको पूजा विधि संपन्न करने की सलाह दी जाती है।

On Which Date Hartalika Teej 2021 will be celebrated , Pooja Samagri, and Mohurat ?
On Which Date Hartalika Teej 2021 will be celebrated , Pooja Samagri, and Mohurat ?

यदि हम पूजा की सामग्री की बात करें तो पूजा के लिए हमें गीली काली मिट्टी की आवश्यकता होती है जिससे मूर्ति बनाई जाती है और बेलपत्र केले का पत्ता ,बताशे ,कुमकुम मेवा ,फल ,फूल जो कि भगवान को भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं हमें इसकी आवश्यकता होती है|

 इन सबके अलावा हमें लकड़ी का एक पाटा चाहिए होता है उसके ऊपर रखने के लिए पीला कपड़ा पूजा के लिए नारियल और माता पार्वती को उड़ाने के लिए एक चुनरी की आवश्यकता होती है।

How is Teej Celebrated in Rajasthan? (राजस्थान में Teej कैसे मनाई जाती है? ) 

तीज का त्यौहार राजस्थान में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है राजस्थान एक ऐसा राज्य है। जिसमें हर त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं । यहां के लोग हरिद्वार को बहुत चाप से मनाएं करते हैं पर एक ऐसा त्यौहार है जो राजस्थान में बड़ा महत्व रखता है ।

शायद इसीलिए यहां पर इस त्यौहार को बहुत ही अलग तरीके से और बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है । जैसा कि हम ऊपर भी बात कर चुके हैं कि तीज का यह त्यौहार भद्रपद के महीने में मनाया जाता है। राजस्थान के कई शहरों में Teej की सवारी निकलती है और यह सवारी इतनी भव्य तरीके से निकला करती है ।

How is Teej Celebrated in Rajasthan
How is Teej Celebrated in Rajasthan

कि इन्हें देखने के लिए लोगों का तांता लग जाता है राजस्थान में सिंजारा और मेहंदी की प्रथा भी है । इस दिन जैसा कि हम पहले भी बात कर चुके हैं की महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी लगाते हैं । इस दिन को बहुत चाव से खाया जाता है 2 दिन की तीज की सवारी में पूरा शहर मानो उसे देखने के लिए ही उमड़ पड़ता है। रास्ते बिल्कुल जाम से हो जाते हैं । सब लोग टकटकी लगाए तीज माता की सवारी की सुंदरता को निहारते हैं।

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How Teej is Celebrated in Haryana? (हरियाणा में तीज कैसे मनाई जाती है? )

हरियाणा राज्य मैं Teej बहुत अलग तरीके से मनाई जाती है ।हरियाणा राज्य में Teej का यह त्यौहार जिस दिन होता है उस दिन परिवार के सारे सदस्य एक दूसरे को तोहफे दिया करते हैं । उस दिन परिवार के सारे लोग नए कपड़े पहना करते हैं और महिलाएं अच्छे से सजा करते हैं ।

 तोहफे में महिलाओं को साड़ी या फिर गहने दिए जाते हैं। हरियाणा राज्य में इस त्यौहार के दिन लड़के पतंग उड़ा के ईसे मनाया करते हैं । उस वक्त में आसमान पतंगों से भरा हुआ दिखा करता है मानो जैसे आसमान में पतंगे ही हों

How Teej is Celebrated in Haryana? (हरियाणा में तीज कैसे मनाई जाती है? )
How Teej is Celebrated in Haryana? (हरियाणा में तीज कैसे मनाई जाती है? )

Teej के त्यौहार के दिन हरियाणा में चूरमा बनाया जाता है और घेवर भी खाया जाता है । यही तरीका चंडीगढ़ में भी अपनाया जाता है ।वहां के लोग भी Teej के त्यौहार को बहुत अच्छे से मनाया करते हैं । उस दिन बड़ी धूमधाम से पूजा किया करते हैं और झूले झूला करते हैं।

हरियाणा में इस त्यौहार के दिन प्रकृति की देन हरियाली को मनाया जाता है। इस दिन हरियाणा के लोग भगवान की देन हमारे इर्द-गिर्द जो भी हरियाली है ।उसके लिए भगवान को धन्यवाद किया करते हैं । बड़ी धूमधाम से त्यौहार को मनाया करते हैं और जैसा कि हमने पहले ही बताया है।

 आपको कि इससे पहले ही सावन के महीने में ही पेड़ों पर पेड़ों की डाल पर झूले डाल दिए जाते हैं। Teej के त्यौहार के दिन शगुन केंद्रीय ही सही पर हर एक व्यक्ति उन झूलों पर झूला करता है और इस त्यौहार का आनंद लिया करता है।

How Teej is Celebrated in Punjab? ( पंजाब में Teej कैसे मनाई जाती है? )

जैसा कि हम सब लोग जानते ही हैं पंजाब एक ऐसा राज्य है जिसके लोग बहुत ही हंसमुख और कुछ दिल हुआ करते हैं। वह इस प्रकार से हर त्यौहार को मनाया करते हैं कि मानो वह दिन सबसे अहम दिन हो ।पंजाब के लोग इस त्यौहार को Teeyan के नाम से जाना करते हैं ।

 यह त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से पंजाब के राज्य में मनाया जाता है अगस्त के महीने में जब भी यह त्यौहार आता है तो अपने साथ में एक तरह की खुशहाली लेकर आया करता है । पंजाब की महिलाएं उस दिन अपने पंजाबी भेसभूषा में तैयार हुआ करतीं है । जैसा कि हरियाणा के हरियाणा राज्य में हरियाली तीज के नाम से त्यौहार को मनाया जाता है।

How Teej is Celebrated in Haryana? (हरियाणा में तीज कैसे मनाई जाती है? )
How Teej is Celebrated in Haryana? (हरियाणा में तीज कैसे मनाई जाती है? )

 वैसे ही पंजाब में भी इस त्यौहार को इसी प्रकार से मनाया जाता है। वह हरियाली के जश्न को मनाया करते हैं इस त्यौहार के दिन महिलाएं विदा किया करते हैं और यहां भी इस त्यौहार के दिन झूला झूलने के लिए प्रथा है। इसी के चलते खेत खलियानओं में झूले लगते हैं । उन्हें सजाया जाता है और बड़े खुशमिजाजी से उन झूले पर झूला जाता है।

How Teej is Celebrated in Uttar Pradesh? ( उत्तर प्रदेश में Teej कैसे मनाई जाती है?)

उत्तर प्रदेश – जब भी राज्य की बात आती है तो हमारे दिमाग में खुशमिजाज लोगों का चेहरा आ जाता है । वहां के लोग जितने खुशदिल हुआ करते हैं। वैसे ही वह त्योहारों को भी मनाया करते हैं । उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है तीज के त्यौहार को बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है |

यह एक ऐसा त्यौहार है। जिसका पूरे साल इंतजार किया जाता है तीज के त्यौहार पर उत्तर प्रदेश में लोग माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा किया करते हैं । कहीं राज्य के कई जगहों पर तीज के त्यौहार के दिन गौ माता की भी पूजा की जाती है ।

उन लोगों का मानना है कि भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ-साथ गौ माता की पूजा करने का महत्व इसलिए भी ज्यादा है। क्योंकि हमारे शास्त्रों में भी गौ माता को मां का दर्जा दिया गया है । तो इसीलिए इस त्यौहार के दिन गौ माता की पूजा की जाती है और दीपक जलाए जाते हैं ।

व्रत रखा जाता है और विवाहित महिलाएं श्रृंगार किया करती हैं । लाल साड़ी पहना करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र के लिए माता पार्वती से और भगवान शिव से कामना किया करती हैं। जैसा कि यह राज्य खुशमिजाज जी के लिए प्रसिद्ध है वैसे ही यहां के लोग भी बड़ी धूमधाम से इस त्यौहार को मनाया करते हैं। 

How Teej is Celebrated in Gujarat? (गुजरात में Teej कैसे मनाई जाती हैं? ) 

गुजरात एक ऐसा राज्य है जो अपने बहुत सारी चीजों के लिए प्रसिद्ध है और इस राज्य के लोग तीज के त्यौहार को केवड़ा तीज के नाम से जानते हैं। केवड़ा तीज जैसा कि हम नाम से ही जान पा रहे हैं कि केवड़ा एक ऐसा सुगंधित पुष्प हुआ करता है।

जो हमारे मन को अपनी खुशबू से मंत्रमु्ध कर देता है । इस त्यौहार को इस नाम से जानने का एक कारण यह भी है कि इस त्यौहार के दिन विवाहित और अविवाहित महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती को केवड़े का पुष्प अर्पित किया करती हैं। अपनी मनोकामना मांगा करती हैं जैसा कि और राज्यों में होता है।

वैसे यहां भी विवाहित और अविवाहित महिलाएं लाल साड़ी में या फिर लाल परिधानों में सजा करती हैं । यही कोशिश किया करती हैं कि सुबह जल्दी उठकर मैं तैयार हो जाएं और माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें इस दिन मंदिरों में बहुत लंबी लाइने लगा करते हैं क्योंकि सब उत्साहित हुआ करते हैं कि वह माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा जल्द से जल्द कर सकें।

इसी के चलते पूजा संपन्न होने के बाद बहुत सारी जगह पर गुजराती नृत्य किया जाता है लहंगा चोली पहनी जाती है । कहीं गरबा किया जाता है तो कहीं डांडिया भी खेला जाता है । बहुत जोरों शोरों से इस त्यौहार को मनाया जाता है।

Teej Ki Sawari (Teej की सवारी )

जयपुर जिसे राजस्थान की छोटी काशी भी कहा जाता है वहां पर तीज का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जैसा कि हम पहले भी बात कर चुके हैं कि तीज की सवारी बहुत ही धूमधाम से पालकी में सजाकर तीज माता को पूरे शहर में शहर में भ्रमण करवाया जाता है।

बहुत दूर-दूर से लोग इस दृश्य को देखने के लिए आते हैं और Teej माता के दर्शन करते हैं। वैसे तो यह सुनने में बहुत ही आश्चर्यजनक लगता है पर यह बिल्कुल सत्य है कि शहर बिल्कुल उस दिन थम जाता है । सब लोग तीज माता के दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं उस भीड़ को काबू करना मुश्किल सा हो जाता है ।सबका एक ही सब एक ही लालसा के साथ उस जगह पर जाते हैं । जहां से तीज माता की सवारी निकलती है कि उन्हें Teej माता के दर्शन हो ।

Teej माता की सवारी की शुरुआत होती है ।त्रिपोलिया गेट से होती हुई छोटी चौपड़ से गुजरती है जहां वह श्रद्धालुओं को दर्शन कराते हुए गंगौरी बाजार की तरफ बढ़ती हैं बाजार के बाद Teej माता की सवारी और ध्यान में पहुंचती है। यहां पर Teej माता को भोग लगाया जाता है ।

का इस दौरान बहुत सारे श्रद्धालु बीच रास्ते में Teej माता के दर्शन के लिए खड़े होते हैं और बेताब नजर आते हैं । राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखाती हुई शाही ठाठ बाट से सजी हुई पालकी में तीज माता विराजमान होतिं हैं।

उन्हें पारंपरिक वेशभूषा में सजाया जाता है सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि उस दौरान मौसम भी अपने आप खुशनुमा हो जाता है ,बादल छा जाते हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि मानो तीज माता के दर्शन के लिए इंद्रदेव भी स्वयं खुद आए हो। इस शाही सवारी के दौरान हमारे देश से तो पर्यटक आते ही हैं उसके साथ-साथ विदेशी पर्यटकों का भी तांता लगा रहता है ।

उसके बीच में बहुत सारी चीजें भी उन्हें देखने को मिलती है । जो की अपनी तरफ उन पर्यटक को को का ध्यान खींचा कर दी है । जैसे कालबेलिया नृत्य पारंपरिक नृत्य अलगोजा चकरी नृत्य और भी बहुत कुछ जुलूस के दौरान तीज माता की सवारी के पीछे घोड़े और ऊंट भी सम्मिलित होते हैं और यह सवारी बैंड बाजे के साथ निकाली जाती है।

Note – इस Article में दी गई जानकारी विभिन्न सूत्रों से पंचांग ओं से ज्योतिष आचार्यों के कथनों से धर्म ग्रंथों से ली गई है और आप तक पहुंचाई गई है हमने यह आर्टिकल सिर्फ सूचना प्रदान करने के लिए ही बनाया गया है । इस Article का उद्देश्य सिर्फ उपयोगकर्ता को सूचना पहुंचाना ही है यदि आप इस Article में दी गई किसी भी जानकारी का उपयोग उपयोगकर्ता स्वयं की जिम्मेदारी पर ही करें।

What Precautions You should take while Celebrating Teej in 2021?

(2021 में तीज मनाते समय आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?)

जैसा कि हम सब लोग जानते ही हैं की बीते 2 सालों में विश्व भर में बहुत लोगों ने बहुत कुछ देखा है । इस महामारी की वजह से और इतने वक्त में हम सब ने इस चीज की आदत डाल ली है । त्योहार हो या कोई भी आयोजन इस महामारी का प्रकोप हर चीज पर रहा है ।

तो आज हम इस Article की मदद से यह बताने की कोशिश करेंगे कि 2021 में आप तीज के त्यौहार को कैसे सावधानी से मना सकते हैं जो कि आपकी और आपके आसपास रहने वाले लोगों की भी सुरक्षित रहने में मदद करेगा । आप Teej का यह पावन पर्व भी उसी हर्षोल्लास से मना सकेंगे जिससे पहले आप मनाया करते थे।

1) इस महामारी से पहले लोग तीज के इस त्यौहार को साथ में मिलकर बनाया करते थे । अपने रिश्तेदारों के घर जाया करते थे और उन्हें तोहफे भी दिया करते थे। कुछ राज्यों में यह चलन भी है कि अपने घर की बड़ी स्त्रियों को उनके पैर छूकर उन्हें सुहाग का सामान दिया जाता है ।

तो इस बार इस महामारी के चलते आपको Digital तरीका अपनाना बेहतर होगा । मतलब आप उनके पास ना जाकर Digital तरीके से ही इस त्यौहार को मना सकते हैं । जैसे आप उन्हें Digital माध्यम से ही त्यौहार की शुभकामनाएं दे सकते हैं। डिजिटल तरीके से ही साथ में नृत्य या गीत गा सकते हैं । या फिर Digital तरीकों से ही Video Call के माध्यम से इस त्यौहार को मना सकते हैं।

2) Teej के इस त्यौहार पर कुछ राज्यों में यह प्रथा है की तीज के दिन या सावन में घर के बाहर खुले में झूला डाला जाता है । उन्हीं झूलों पर शगुन के तौर पर झूला जाता है। जैसा कि हम सब लोग जानते ही हैं कि यह महामारी में सबसे ज्यादा संक्रमण छूने से ही फैला है ।

तो इस को मद्देनजर रखते हुए या तो इस बार हमें झूला डालने से खुले में बचना चाहिए । यदि शगुन के तौर पर यह जरूरी हो भी जाए तो आप कोशिश यही करें कि घर में किसी जाल पर यह झूला बांधे । उस पर झूलने से पहले Sanitizer की मदद से उसे संक्रमण रहित कर ले।

3) Teej के त्यौहार पर सुहागन लाल साड़ी में तैयार हुआ करती है । अक्सर इस त्यौहार से पहले लोग खरीदारी के लिए बाजार में जाया ही करते हैं ।जैसा कि हम सब जानते हैं कि आजकल बहुत सारी जगह Lockdown से प्रभावित हैं या फिर Lockdown ना भी हो तो बीमारी अभी खत्म नहीं हुई है ।

तो उसके मद्देनजर रखते हुए हमें इस बार की खरीदारी या तो कम से कम करनी चाहिए। या फिर जो चीजें हम Avoid नहीं कर सकते उसे हमें ऑनलाइन तरीकों से ही मत मंगवाना बेहतर होगा। उसका फायदा यह होता है कि जब भी हमारे घर पर कोई Online सामान Deliver होता है तो हम उसे एक Isolated जगह पर रख सकते हैं । उसे Sanitizer की मदद से संक्रमण रहित भी कर सकते हैं।

4) Teej के इस त्यौहार पर अक्सर मंदिरों में पूजा के लिए भीड़ लगाकर दी है । जैसा कि हमने आपको बताया कि इस त्यौहार पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है । तो अक्सर शिव मंदिरों में भीड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है महामारी से पहले तो यह उत्सव का प्रतीक था ।

पर इस महामारी के चलते सब लोग इस तरीके से प्रभावित हुए हैं कि हमें इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो गया है कि हम एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखें । यदि आपको ऐसा लग रहा होता है लग रहा है कि मंदिर में उस वक्त भीड़ है या फिर मंदिर नहीं खुले हुए हैं ।

तो आपको अपने घर पर ही भगवान को याद करके पूजा करनी ही उचित है या फिर आप मंदिर जा भी रहे हैं । तो आपको मास्क लगाकर और दूसरे लोगों से उचित दूरी बनाकर ही पूजा करना सही है और एक बात का आपको इस बार बहुत ध्यान रखना जरूरी है । अक्सर हम शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए उसे ग्रहण करने की प्रथा को पूरा करते हैं।इसी के चलते हम इस बार इस बात का ध्यान रखें कि हम वह जल ग्रहण ना करें क्योंकि हमारी सुरक्षा ही सर्वोपरि है।

5) बहुत से राज्यों के शहरों में Teej के त्यौहार पर बहुत बड़ा महोत्सव मनाया जाता है उस दिन Teej माता की झांकियां और सवारी निकाली जाती है ।अक्सर हमने देखा है कि ऐसे जुलूस में और Teej माता की सवारी में निकलते वक्त में बहुत भीड़ जमा हो जाती है ।

उसी भीड़ के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है ।तो इस बार 2021 में यदि आपके शहर मैं तीज का जुलूस निकल रहा है तो आप वहां जाने से परहेज करेंगे तो ही बेहतर होगा। भीड़ में आपको नहीं पता कि किस इंसान को क्या बीमारी है और दूसरी चीज यह भी है कि हमारी सुरक्षा और सामने वाले की सुरक्षा भी इस वक्त में हमारे ही हाथ में है।

6) हिंदू धर्म में त्योहारों का बहुत ही ज्यादा महत्व है हमारे शास्त्रों के अनुसार सारे त्यौहार बहुत ही ज्यादा धूम धाम और रीति-रिवाजों से मनाए जाते हैं । सारे त्यौहार पर हम एक चीज जो हमेशा किया करते हैं । वह है मिठाईयां लाना और उनका भगवान को भोग लगाना और फिर उन्हें खाना ।

तो इस बार जैसा कि हम सब ने देखा ही है कि हर चीज में यह डर है कि कहीं उस चीज से हमें हानि ना हो जाए। इसीलिए इस बार हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि या तो हम मिठाइयां घर पर ही बनाएं या फिर मिठाई लाना हम इस बार के लिए Avoid करें

FAQ Related To Hartalika Teej 2021 कब मनाई जाएगी और किस राज्य में इसे कैसे मनाते हैं ।

Is Teej Celebrated only in North India ? ( क्या Teej सिर्फ उत्तर भारत में ही मनाई जाती है? )

जी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है Teej एक ऐसा त्यौहार है जो मुख्यतः पूरे देश में मनाया जाता है । जितनी ज्यादा मान्यता इस त्यौहार की उत्तर भारत में है उतनी ही मान्यता इस त्यौहार की दक्षिण भारत में भी है और भारत के विभिन्न राज्यों में भी है।

Can we Celebrate Teej in Lockdown? क्या हम Teej Lockdown में मना सकते हैं?

जी हां बेशक हम तीज का त्यौहार Lockdown में मना सकते हैं जैसा कि हमने इस Article में आपको बताया है कि कैसे आप Teej के इस त्यौहार को सावधानी से मना सकते हैं जिससे आप त्यौहार भी मना सकते हैं । अपने आप को सुरक्षित भी रख सकते हैं इस बीमारी से ।

Best Mohurat For Pooja On Hartalika Teej 2021 (Hartalika Teej 2021 की पूजा का मुहूर्त)

Hartalika Teej का शुभ मुहूर्त 9 सितंबर 2021 को सुबह 6:10 से लेकर 8:38 तक है ।

On which Date Hariyali Teej 2021 will be Observed on 10 August or 11 August ? Hariyali Teej 2021 किस तारीख को मनाई जाएगी 10 अगस्त या 11 अगस्त ?

Hariyali Teej 2021 का व्रत 11 अगस्त 2021 को ही किया जाएगा और जैसा कि हम Article में आपको शुभ मुहूर्त के बारे में बता चुके हैं तो उस ही बीच आपको पूजा और व्रत की विधि संपन्न करना लाभदायक होगा ।

Final Words For Hartalika Teej 2021 कब मनाई जाएगी और किस राज्य में इसे कैसे मनाते हैं 

तो इस Article के माध्यम से आज हम लोगों ने जाना कि कैसे हम इस Lockdown में और महामारी के चलते सावधानी बरतते हुए तीज के इस त्यौहार को धूमधाम से और उसी खुशी से मना सकते हैं जैसे कि हम पहले बनाया करते थे |

 इस आर्टिकल की मदद से हमने यह भी जाना कि किस राज्य में स्पीच के त्यौहार को किस प्रकार और किन रीति-रिवाजों के साथ में मनाया जाता है हमने आज यह भी जानने की कोशिश करें की किस प्रकार की Teej किस दिन पूरे देश में मनाई जाएगी।

उसके साथ में हमने पूजा की सामग्री और शुभ मुहूर्त को भी आप लोगों के साथ में साझा किया है । इस Article का मुख्य मकसद आप लोगों को सूचित करना था इस त्यौहार के बारे में और इससे जुड़े सारे तथ्यों के बारे में ।

आशा है आप लोगों को यह Article पसंद आया होगा और आपने इसकी मदद से Teej के इस पावन त्यौहार के बारे में बहुत सारी चीजें जानी होंगी 

अपना कीमती वक्त निकालकर इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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