How to do Pranayama in Hindi-Pranayama Kaise Karen and its 7 Best Types

How to do Pranayama in Hindi:-

इस आर्टिक्ल हम बात करेंगे (How to do Pranayama in Hindi) प्राणायाम कैसे करें ? मैं खुद लंबे समय से प्राणायाम कर रहा हूँ । इस विषय पर मैं अपना अनुभव सांझा कर रहा हूँ ।

एक योग्य गुरु के होने पर प्राणायाम करना आसान हो जाता है । इसलिए प्राणायाम हमेशा योग्य गुरु के सनिध्य में या उनके मार्गदर्शन में ही करें ।

Pranayama kya hai Hindi Mein?

प्राणायाम क्या है?

(What is Pranayama in Hindi):-

प्राणायाम (Pranayama) दो शब्दों से मिल कर बना है – प्राण +आयाम । प्राण का अर्थ है वह ऊर्जा जो शरीर के प्रत्येक अंग में विध्यमान है और आयाम का अर्थ है विश्राम । इस प्रकार प्राणायाम का अर्थ हुआ प्राण की विश्राम देना या प्राणों की आराम देना ।

जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारा शरीर लगातार चलता ही रहता है । इसी प्रकार हमारे शरीर के सभी अंग भी बिना रुके कार्य करते ही रहते है । लेकिन हम जीवन में एक बार भी रुक कर यह नहीं सोचते की हमारे शरीर को भी विश्राम की जरूरत है । शरीर के अंगों को भी विश्राम की जरूरत है ।

शरीर के अंगों को आराम देने की एक विशेष क्रिया है जिसे प्राणायाम कहते हैं । इसको एक उदाहरण से समझा जा सकता है – यदि एक मशीन लगातार बिना रुके सालों साल चलती रहे तो क्या होगा । ऐसी मशीन जल्दी ही खराब हो जाएगी । मशीन सही से चलती रहे इसके लिए हम उससे थोड़ी देर के लिए बंद कर देते हैं ।

Pranayama Kitne Prakar Ke Hote Hain ?

प्राणायाम कितने प्रकार के होते हैं ?

Pranayama Kitne Prakar Ke Hote Hain ?

(Types of Pranayama in Hindi ):-

प्राणायाम कई प्रकार का होता है जिसमें से कुछ प्राणायाम का वर्णन यहाँ दिया गया है :-

1.नाड़ी शोधन प्राणायाम

2. शीतली प्राणायाम

3.उज्जायी प्राणायाम

4. कपालभाती प्राणायाम

5. भस्त्रिका प्राणायाम

6. भ्रामरी प्राणायाम

7. अनुलोम विलोम प्राणायाम

प्राणायाम कैसे करें?

Pranayama kaise kare ?

(How to do Pranayama in Hindi?):-

प्राणायाम को करने के लिए नीचे लिखे steps को फॉलो करें ।

Pranayama Kitne Prakar Ke Hote Hain ?
How to do Pranayama in Hindi
  1. एक शांत जगह का चुनाव करें ।
  2. बैठने के लिए मैट या चटाई का प्रयोग कर सकते हैं ।
  3. पद्माशन या सुखाशन में बैठे ।
  4. आँखें बंद करें ।
  5. अपना पूरा ध्यान अपनी स्वाश पर लगाएँ ।
  6. अपनी दो अनुगलियों को अपने आज्ञा चक्र पर रखें ।
  7. अनूठे से अपनी दायनी नासिका को बंद करें और स्वाश को अंदर ले जितना ले सकते हैं, फिर छोड़ें । इस प्रक्रिया को बाईं नासिका से दोहराएँ ।
  8. यह आरंभिक स्तर का प्राणायाम है इससे ही शुरू करना चाहिए । फिर धीरे धीरे करके समय को बढ़ाना चाहिए । बाद में धीरे धीरे अन्य प्राणायाम को भी अपने अभ्यास में जोड़ना चाहिए ।

प्राणायाम करने के नियम क्या हैं ?

Pranayama Karne ke Niyam Kya hain ?

Pranayama karte samay savdhyaniyan

(Rules of Pranayama in Hindi)

प्राणायाम करने के नियम क्या हैं ?
Pranayama kaise karen hindi mein

प्राणायाम करते समय सावधानियाँ :-

  1. 30 मिनट पहले या बाद में ही कुछ खाना पीना चाहिए ।
  2. प्राणायाम करने के लिए हमेशा मैट या चटाई का प्रयोग करना चाहिए ।
  3. प्राणायाम करने के समय को धीरे धीरे बढ़ाना चाहिए ।
  4. खाली पेट करना चाहिए ।
  5. ताजी हवा या खुले वातावरण में करने से ज्यादा लाभ होता है ।
  6. एक निश्चित समय पर प्राणायाम करने से अधिक लाभ मिलता है ।
  7. आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए ।
  8. शुरुआत में प्राणायाम करने से सबको अलग अलग अनुभव हो सकतें हैं ।

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FAQ Related To How to do Pranayama in Hindi

Which Pranayama is best for brain ?( कौनसा pranayama brain के लिए बेस्ट है?)

प्राणायाम एक ऐसा योगासन है जो की हमारे ब्रेन के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद आसन हुआ करता है और यदि हम यह बात करें कि कौन सा प्राणायाम दिन के लिए बेस्ट है तो वह होता है भ्रम मारी प्राणायाम जिसकी मदद से आप concentration बढ़ा सकते हैं और यह जितने भी ब्लॉकेजेस भी होते हैं उनको भी खोल देता है।

What should I do first Kapalbhati or Anulom Vilom?( हमे पहले क्या करना चाहिए कपालभाति या pranayama?)

यदि योग experts की बात माने तो उनके अनुसार सबसे पहले कपालभाति नहीं करनी चाहिए उससे पहले हमें अनुलोम विलोम या और कोई Breathing एक्सरसाइज करनी चाहिए । ऐसा कहा जाता है कि यदि आप किसी भी तरह की परेशानी से ग्रस्त हैं जैसे कि कमर दर्द, हाई ब्लड प्रेशर या सिर दर्द तो आपको यह दोनों ही क्रिया किसी एक्सपर्ट की देख रेख़ में करनी चाहिए ।

Can I do Anulom Vilom at night ? ( क्या मैं अनुलोम विलोम रात में कर सकता हुआ?)

जी हां बिलकुल हम अनुलोम-विलोम को रात में कर सकते हैं ऐसा कहा जाता है कि यदि आप नियमित रूप से अनुलोम-विलोम को रात में करके सोते हैं तो इससे आपकी नींद भी बहुत अच्छी आया करती है और उसके साथ-साथ आपको सांस से संबंधित परेशानी भी नहीं हुआ करती।

Final words for How to do Pranayama in Hindi:-

इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम लोगों ने आपको यह बताया कि कैसे आप प्राणायाम कर सकते हैं और इसके कितने प्रकार होते हैं उसी के साथ साथ हम नहीं इस बात पर भी चर्चा करें कि प्राणायाम करने के क्या-क्या फायदे हुआ करते हैं और आपको वह कौन सी सावधानियां है जो प्राणायाम करते हुए बरतनी होती हैं जिससे कि प्राणायाम के आपको फायदे मिल सकते हैं।

इस आर्टिक्ल How to do Pranayama in Hindi में मैंने अपना अनुभव सांझा किया है । मैं आशा करता हूँ कि How to do Pranayama in Hindi प्राणायाम कैसे करें ? आपको पसंद आया होगा ।

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