Anhad Naad Ke Fayde in Hindi And its 6 easy steps

अनहद नाद के फायदे (Anhad Naad Ke Fayde):-

अनहद नाद के फायदे (Anhad Naad Ke Fayde) बहुत ज्यादा हैं । जैसे:- स्मरण शक्ति का तेज होना, ऊर्जा सतर में अचानक बढ़ोतरी, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना और Intuition Power का बढ़ना ।

बात करे इसके फायदों की तो इसके फायदों का बारे में हम ज्यादा जान नहीं सकते क्योकि इसका वर्णन न के बराबर है , परतु हम आसान सब्दो में कहे तो इससे आपके मस्तिष्क के सोचने व् समझने की शक्ति में सुधार आता है।  आपके अंदर के क्रोध को आप इससे शांत कर पाएंगे । 

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Anhad Naad Ke Fayde in Hindi
Anhad Naad Ke Fayde

जब आप अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते है तो आप अपने मस्तिष्क से रूबरू होते है ।  आप अपने दिमाग को कण्ट्रोल कर पा रहे होते है। 

Anhad Naad आपके शरीर की नाड़ियो के लिए काफी फायदेमंद है। 

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Anhad Naad Ke Fayde

एक बात का अवश्य ध्यान रखे की जब भी आप Anhad Naad करे तो ऐसे स्थान का चयन करे जहा पर आपको कोई और आवाज सुनाने को नहीं मिले। 

इसका उपयोग बड़े बड़े विद्वान करते आये है और अपने मस्तिष्क की आवाज को सुन पाते है  कहने का मतलब आप अपने मस्तिस्क में चल रही क्रिया को समझ पाते है ।

Anhad Naad Kya Hai?

आज के आर्टिकल के माध्यम से हम पढ़ेंगे की अनाहत नाद क्या होता है ? अनाहत नाद के क्या क्या फायदे है ? इसको करने के लिए हमें किन किन बातो पर गौर करना चाहिए।  तो चलिए शुरू करते है …..

Anhad Naad के बारे में पढ़ने से पहले हम जान लेते है की नाद क्या होता है ? नाद का तात्पर्य आने वाली किसी भी प्रकार की आवाज से है। 

जब भी हम कोई sound यानि की आवाज को सुनते है या निकलते है या अन्य किसी माध्यम से महसूस करते है तो उसे हम नाद कह सकते है। नाद को हम दो हिस्सो में विभाजित कर सकते है । पहला अनाहत और दूसरा आहद। 

आहद शब्द की उत्पत्ति आदत शब्द से मानी जाती है जिसका अर्थ ” चोट” से है ।  आहद नाद को हम सुन सकते है अपने कानो के द्वारा। 

Important Point Related to Anhad Naad Ke Fayde:-

Anhad Naadजिसे केवल महसूस किया जा सकता है , इसको सुना नहीं जा सकता है आप अपनी अंतरात्मा से सिर्फ महसूस कर सकते है, कहने का मतलब ये संगीत का अनुमान लगते समय जो संगीत हमें सुनाई देता है उसे हम अनाहत नाद कहते है।

श्रुति और स्वर जिसको आपने जरूर सुना होगा किसी भी संगीतज्ञ से , जो की संगीत में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। 

जब भी कभी कोई संगीतकार अपने मन से संगीत को महसूस करने लगता है तो उसे हम अनाहत नाद कहते है , जो की संगीत को मात्र महसूस करने की प्रक्रिया है।  कोई भी संगीतकार कोई स्वर गाने से पहले जब वो मन में उस स्वर को महसूस करता है तब वह अनाहत नाद कहलाता है। 

क्या आपको पता है अनाहद नाद , आहद नाद का रूप कब लेता है ? तो आपको बता दे की जब कोई स्वर को गाने से पूर्व संगीतकार के मन में तीव्र इच्छा होने लगती है संगीत को गाने के लिए।

  जब ये तीर्व इच्छा संगीतकार को संगीत जुबान पर लाती है और ये अंतरात्मा की नाद जब बाहरी लोगो को सुनाई देनी शुरू हो जाती है तब उसे हम आहद नाद कहते है । आहद नाद को हर कोई सुन सकता है आपके भावो को समझ सकता है।

आखिर क्या होता है नाद योग ?

नाड योग बहुत ही प्राचीन समय से चली आ रही परम्पराओ में से एक है , जिसका उपयोग बड़े बड़े विद्वान्, ज्ञानी , महापुरुष , तथा अनुभवी लोग करते है। 

एक तरह से देखा जाये तो लोग इससे आध्यात्मिक शक्ति पाना चाहते है, परन्तु माना जाता है की नाद योग से व्यक्ति की संकलप शक्ति में सुधार होता है तथा उसके सोचने व् समझने के विचारो में परिवर्तन आने लगता है ।

नाद योग से जुड़े कुछ तथ्य:-

आखिर क्या होता है नाद योग ?
  • हमारे शरीर एवं मन की शांति हेतु नाद योग बहुत जरुरी है नाद योग
  • हमारे शरीर की कुण्डिलिनी power को बढ़ने के लिए बहुत सहायक है ।
  • इस योग को हम गुंजन योग या फिर ब्रह्म साधना भी कह सकते है ।
  • नाद योग करने के बहुत सरे तरीके है जो अनुभवी लोग अपने अनुचर उपयोग करते है । 
  • नाद योग हेतु हमें किसी भी प्रकार के वास्तु योग की जरूरत नहीं होती है।

Anhad Naad करने का आसान तरीका:-

हमने ऊपर पढ़ा की नाद हेतु हमें किसी भी प्रकार के वास्तु की जरुरत नहीं होती है। हम अपनी आवश्यकता  के अनुचार कही पर भी किसी  भी स्थान पर, अनाहत नाद को महसूस कर सकते है । परतु अगर हम नाद हेतु किसी ऐसे स्थान का चयन करे जहा एकांत हो तो हमें कोई उलझन नहीं होगी। 

Anhad Naad करने का आसान तरीका:-
  1. अनाहत नाद हेतु आप ऐसी स्तिथि का चयन करे  जिस स्तिथि में आप बैठकर आप नाद कर सके।  आप चाहे तो पद्मशान या फिर सुखानंद में बैठ सकते है।
  2. अब बारी है अपने ईश्वर को याद करने की , आप ध्यान लगाने से पहले अपने इष्ट देव को मन से याद कर ले और इस बात की प्राथना करे की आपका ध्यान स्थिर रहे और आप सफलपुरक ध्यान कर पाए। 
  3. अगर आपका मन विचलित है तो आपको सबसे पहले अपने मन को शांत करना होगा तभी आप इस नाद योग में सफल हो पाएंगे।  इसके लिए आप 5 से 8 मिनिट तक गहरी साँस ले तथा छोड़े जिससे आपका मन शांत होता है , एवं आप अच्छे से ध्यान लगा पाते है ।
  4. अभी समय है अपनी ध्यान मुद्रा में बैठने का, आप अपनी आखो को पूरी तरह से बंद कर ले साथ ही आप अपने शरीर को हल्का छोड़ दे और अपने शरीर की रीड की हड्डी को सीधा रखे।  एक बात ध्यान में रखे की आपके शरीर में कही पर भी तनाव नहीं होना चाहिए ।
  5. अभी आप अपने अंगूठे का उपयोग कर अपने कानो को बंद कर दे, साथ ही आप अपनी तर्जनी अंगुली का इस्तेमाल कर आखो को बंद कर दे।
  6. उसके बाद आप गहरी सी साल ले तथा आप ॐ का जाप करे , एक बात ध्यान में रखे की आप जब भी ॐ का उच्चारण कर रहे हो तब आप ॐ के उच्चारण को ठीक से जान ले।  आप अपनी मस्तिष्क को पूरा इसमें डूबा दीजिये आपको और कोई भी आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए।  आपका पूरा ध्यान आपके अंतर्मन पर होना चाहिए । 

FAQ Related to Anhad Naad Ke Fayde:-

अनाहत नाद क्या है ?

अनहद नाद जिसे केवल महसूस किया जा सकता है , इसको सुना नहीं जा सकता है आप अपनी अंतरात्मा से सिर्फ महसूस कर सकते है, कहने का मतलब ये संगीत का अनुमान लगते समय जो संगीत हमें सुनाई देता है उसे हम अनाहत नाद कहते है। श्रुति और स्वर जिसको आपने जरूर सुना होगा किसी भी संगीतज्ञ से , जो की संगीत में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। 

अनाहद नाद , आहद नाद का रूप कब लेता है ?

जब कोई स्वर को गाने से पूर्व संगीतकार के मन में तीव्र इच्छा होने लगती है संगीत को गाने के लिए।  जब ये तीर्व इच्छा संगीतकार को संगीत जुबान पर लाती है और ये अंतरात्मा की नाद जब बाहरी लोगो को सुनाई देनी शुरू हो जाती है तब उसे हम आहद नाद कहते है । आहद नाद को हर कोई सुन सकता है आपके भावो को समझ सकता है।

आहात नाद क्या होता है?

आहद शब्द की उत्पत्ति आदत शब्द से मानी जाती है जिसका अर्थ ” चोट” से है ।  आहद नाद को हम सुन सकते है अपने कानो के द्वारा।

अनाहत नाद की उत्पति कैसे हुई ?

इसकी उत्पति संस्कृत के अनाहत शब्द से मानी जाती है जिसका अर्थ अन् जमा आहत है। 

Final Word for Anhad Naad Ke Fayde in Hindi:-

इस Article के माध्यम से आज हम लोगों ने आपको यह बताया कि अनहद नाद के फायदे क्या हुआ करते हैं ।
इसको आप कैसे 6 आसान steps में कर सकते हैं इस Article के माध्यम से हमने यह भी बताने का प्रयास किया कि वह अनहद नाद से जुड़े कौनसे important points हुआ करते हैं जिनहे आप को ध्यान रखना होता है अनहद नाद को करते वक्त ।

मैं आशा करता हूँ की मेरा यह article अनहद नाद के फायदे (Anhad Naad Ke Fayde in Hindi) आपको पसंद आया होगा ।

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