Anhad Naad Kaise Sune in Hindi-1 Easy way hear Anhad Naad

आज हम बात करेंगे Anhad Naad Kaise Sune in Hindi अनहद नाद कैसे सुने । मैं इस आर्टिक्ल में अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगा कि आपको इस विषय की पूरी जानकारी दे सकूँ ।

अनहद नाद क्या होता है? What is Anhad Naad?:-

अनहद का शाब्दिक अर्थ होता है जब दो वस्तु आपस में टकराती है तो जो ध्वनी उत्पन्न होती है उसे अनहद नाद कहते है. अनहद शब्द के अंदर प्रकाश होता है इसे अनाहत नाद भी कहा जाता है, अनाहत नाद को साधकों के द्वारा एक हाथ से बजने वाली ताली की संज्ञा दी है.

What is Anhad Naad?
Anhad Naad Kaise Sune

अनाहत ध्वनी किसी के टकराने से उत्पन्न नहीं होती बल्कि इसका निर्माण अपने आप होता है. आज के दौर में हर इन्सान परमात्मा से मिलन करना चाहता है और इसके लिए वह अनायस ही कई गुरुओं के पास जाता भी रहता है, लेकिन उसे परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो पाती ।

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Anhad Naad का अनुभव करना परमात्मा को महसूस करने जैसा ही होता है, इससे व्यक्ति जल्दी सफल हो जाता है. सदगुरुओ के अनुसार इसे कभी खत्म न करने वाला कलाम कहा गया है. इसके अभ्यास करने से आपका मन कभी थकता नहीं है बल्कि इससे आपको आनन्द की अनुभूति होती है.

सभी धर्मो में अनहद नाद सुनने को परमात्मा की आवाज कहा गया है, क्योंकि इसको सुनने मात्र से कोई भी व्यक्ति तामाम आवागमन से छुटकारा पा लेता है, और मुक्ति की और अग्रषित हो जाता है.  
 

अहनद नाद कैसे सुने हिन्दी में (Anhad Naad Kaise Sune in Hindi):-

 Anhad Naad Kaise Sune in Hindi
Anhad naad kaise sune in Hindi

वैसे तो आप Anhad Naad (Anhad Naad Kaise Sune in Hindi) को किसी भी स्थिति में सुन सकते है, लेकिन इस लेख में हम आपको बताने वाले है की आप किस प्रक्रिया के माध्यम से इसे सुन सकते है, वो भी बिना किसी खास प्रयोग के .

  1. नाद को आप किसी भी साधारण अवस्था में महसूस कर सकते है, जैसे- चलते, उठते, पालथीमार बैठकर और सोते समय किसी भी समय इस नाद को सुन सकते है. एक बात का ध्यान रखे की आपकी रीढ़ हड्डी सीधी होनी चाहिए.
  2. आप इसका अभ्यास सोते समय भी कर सकते है, लेकिन आप सोते समय इस अभ्यास को करते है तो आप आलसी हो जायेंगे जिससे आपको पता नहीं चलेगा की आपको कब नींद आ गयी और आप निद्रा में चले गए. वही व्यक्ति को लगता है की वह अभ्यास कर रहा है जबकि वह नींद के आगोश में जा चूका होता है.
  3. इस नाद को सुनने के लिए आपको चाहिए की आप इस तरह बैठे की आपका मेरुदंड सीधा रहे, इससे आपके ऊपर तमोगुण हावी नहीं होता है.
  4. शुरू में आप कोशिश करें की आप किसी एकांत स्थान पर इसका अभ्यास करें क्योंकि किसी प्रकार के शोर के चलते आपका ध्यान भंग हो सकता है इसके लिए आप अपने कान में रुई भी लगा सकते है.
  5.  आप अपनी तर्जनी अंगुली को दोनो कानों पर भी लगा सकते है, इसके अलावा आप अपने अंगूठो से भी अपने कानों को बंद कर सकते है, इस प्रकार हाथो से कानो को ढकने से आपके हाथों में दर्द हो सकता है इसके लिए आप अपने सामने एक स्टूल रख ले जिससे आपको सहजता होगी.

Anhad Naad का अभ्यास करते समय कुछ महत्वपूर्ण बाते

यह प्रक्रिया प्रारंभिक अभ्यास के लिए बताई गयी है जिससे आपको नाद की ध्वनी के अहसास होना शुरू हो जाएगा.

जिसमें आप जैसे ही अपने अंतर मन की तरफ ध्यान लगायेंगे आपको नाद की ध्वनी सुनाई देने लग जाएगी. लेकिन परमात्मा का अनुभव साक्षात् रूप से करना चाहते है तो आप बैठ कर ही समाधि के साथ इस नाद का को सुनने की चेष्ठा करें.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चलते फिरते आप नाद की ध्वनी को सुन तो सकते है और आपको इससे क्षणिक लाभ भी मिलना शुरू हो जायेंगे, परन्तु बैठकर अभ्यास करने से आपको अपने शरीर की सभी बिमारियों से छुटकारा मिलना शुरू हो जाएगा, इससे आपको अपने आप की पहचान भी होने लगेगी.

नाद सुनने का अभ्यास कोई भी व्यक्ति कर सकता है चाहे वह बड़ा हो बच्चा हो या बृद्ध व्यक्ति हो. कही- कही तो ऐसा भी देखा गया है की किसी को नाद का अभ्यास करते ही नाद सुनाई देने लग जाती है, वही किसी व्यक्ति को इसका असर कुछ दिन बाद दिखाई देता है.

Experience-Anhad Naad Kaise Sune:-

Anhad Naad सुनना परमात्मा के अनुभव करने जैसा ही होता है. कई बार क्या होता है की हम ध्यान करने तो बैठते है लेकिन छोटी सी हलचल से हमारा ध्यान भटक जाता है और हम मन की आवाज की और चले जाते है.

ध्यान यदि एक घंटे से ज्यादा किया जाता है तो लगातर ध्यान की इस प्रक्रिया के चलते हमारी तंत्रिका तंतुओं में तनाव पैदा होने लगता है, इसलिए आपको ज्यादा ध्यान में बैठना है तो आप बीच-बीच में इधर-उधर टहलने के लिए निकल जाए इससे आपको नाद के ध्यान में सहजता हो जाएगी.

हमारे मन की सबसे खराब आदत यह है की जिधर आवाज इसे सुनाई देती है यह उसी और भागने लगता है, लेकिन अगर आपने मन बना लिया है कि आपको अहनद नाद ध्वनी सुननी ही है तो आप नियम बना लें, जिससे आप सही दिशा में इसका अभ्यास कर सकेंगे.

वही आपको ध्यान देने वाली बात यह है की आप जब भी ध्यान लगाये तो आप ज्यादा से ज्यादा 2 से ढाई घंटे ही नाद को सुनने का अभ्यास करें इससे आपको प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखेंगे.

अहनद नाद सुनाई देने पर कैसा अनुभव होता है 

जब आपको नाद की ध्वनी सुनाई देने लगती है तो आपको अंदर से अलग ही ख़ुशी की अनुभूति होने लगती है. जैसे-जैसे आपको नाद की ध्वनी सुनाई देगी वैसे-वैसे आपका शरीर हल्का होने लगता है. आपको लगेगा की आपको कोई आवाज दे रहा है, फिर लगेगा की दूसरी और से कोई आवाज दे रहा है और ये क्रम धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाता है.  

अहनद नाद सुनाई देने पर कैसा अनुभव होता है 
Anhad Naad Listen

वही जब नाद सुनते-सुनते अंत में ब्रह्मनाद की ध्वनी को भी सुनने लगेंगे और आपको इश्वर की अनुभूति होने लगेगी. इसके बाद आपकी समाधि लगना शुरू हो जायेगी.     

 नाद सुनाई देने के कुछ मतभेद

कुछ शास्त्रों में ऐसा भी जिक्र पढने को मिलता है जिसमें कहा गया है की अगर आपको नाद की ध्वनी बाएं कान में सुनाई देने लगे तो यह आपके लिए अच्छी बात नहीं है. इससे कोई भी व्यक्ति मृत्यु को भी प्राप्त हो सकता है.

लेकिन कुछ लोगो का मत है की नाद सुनाई देना ज्यादा मह्त्व्कारी है चाहे यह आपको बाएँ कान से सुनाई दें अथवा दाएं कान से इससे किसी भी व्यक्ति का कोई नुकसान नहीं होता.                                                            

चूंकि नाद तो अन्दर से ही पैदा होती है तो इससे कोई खास अंतर नहीं पड़ता की यह बाए कान से सुनाई दे या दाएं कान से सुनाई दें इससे आपको परमात्मा की ही प्राप्ति होगी. आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योकि यह परमात्मा की आवाज है और परमात्मा किसी का अहित नहीं कर सकते.

आगर आपको अहनद नाद के बारें में विस्तारित यह लेख पसंद आया हो तो आप इसे अपने प्रियजनों के साथ शेयर कर सकते है, और अगर आपके मन में कोई सवाल चल रहा है तो आप हमें कमेन्ट करके पूछ सकता है.

FAQ Related To Anhad Naad Kaise Sune in Hindi

What does nada mean in Yoga ? ( योग में nada का मतलब क्या होता है ?)

संस्कृत का यह शब्द नाथ इसका मतलब आवाज या फिर vibrations हुआ करता है इससे yoga of sound के नाम से भी जानते हैं ऐसा कहा गया है हमारे पुराणों में और वेदों में कि यह पूरा विश्व या ब्रह्मांड vibrations के द्वारा ही बना हुआ है और इन्हें कहते हैं nada ब्रह्मांड ।

What is yoga music called ?( योग music को क्या कहते हैं?)

Naadvyog system दो category में विभाजित है यदि हम पहली category की बात करें तो उसमें vibrations silent हुआ करती हैं और यदि हम दूसरी कैटेगरी की बात करें तो वह external music की कैटेगरी हुआ करती है और इसे ही हम कहते हैं योग music

How do you hear the inside of your sound ?( अपने अन्दर की आवाज को आप कैसे सुन सकते हैं?)

यदि आप अपने अंदर की आवाज को सुनना चाहते हैं तो उसके लिए आपको अपने गानों को या तो अपने अंगूठियों के मदद से या फिर हियर फोन किया फिर cotton buds की मदद से बंद करना होता है और अपने मस्तिष्क के बीचो-बीच focus करना होता है।

Final word for Anhad Naad Kaise Sune in Hindi:-

इस Article के माध्यम से हमने अनहद नाद को आप कैसे सुन सकते हैं उसके बारे में विस्तार से वर्णन किया है और उसी के साथ साथ हमने आप लोगों को यह भी बताने का प्रयास किया कि उस वक्त में आपको कैसा अनुभव होता है और कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें जो आपको अनहद नाद को सुनते समय ध्यान में रखनी होती है हमने आज उस बारे में चर्चा की। हम आशा करते हैं कि आप सभी को हमारा आर्टिक्ल Anhad Naad Kaise Sune in Hindi अहनद नाद कैसे सुने हिन्दी में पसन्द आया होगा । अधिक जानकारी के लिए आप हमे मैसेज भी कर सकते हैं ।

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