What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi-1 Best way Meditation

What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi:-

आज हम बात करेंगे ( What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi ) सात चक्र ध्यान तकनीक क्या है ? सात चक्र हमारे Aura Body में होते हैं । इन चक्रों के संतुलन रहने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है । सात चक्रों के सन्तुलन में रहने से ही हमे बीमारियाँ होती है ।

What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi
What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi

What is seven chakra mediation and its benefits:-

मानव शरीर की सरचना पंच तत्व आधारित हुई हैं । आध्यात्मिक दृष्टि से 7 चक्रों के माध्यम से बॉडी को संतुलित रख सकते हैं । इसे चक्र Meditation भी कहा जाता है ।

ये चक्र मानव बॉडी को बीमारियों से दूर रखता है । ज्यादातर लोगो ने चक्र या बिंदू के बारे में सुना हैं, जिनका एनर्जी के केंद्र के रुप में किया जा सकता हैं ।

What is seven chakra Meditation Techniques
What is seven chakra Meditation Techniques

जो मानव तंत्र में विभिन्न स्थानो पर हैं । प्रत्येक बिंदू से जुडे उप-बिंदू होते हैं और पॉइंट के बीच के स्थान में ढेरों सूक्ष्म तंतुओं से बुना एक जाल होता हैं ।

जैसे जैसे हम आगे बढते है, हम इन पॉइंट्स और बीच की परतो से होकर गुजरते हैं । यह सब मिलकर एक जाल बनाते हैं जिसे मनुष्य के अध्यात्मिक शरीर की संरचना कहा जा सकता हैं ।

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7 Chakras Meditation in hindi

हृदय से लेकर सिर के पीछे तक तेरह मुख्य बिंदू हैं । हृदय वो जगह हैं जहा से हम अपनी अध्यात्मिक यात्रा शुरु करतें हैं, इसलिये चालिये, हृदय के चारों ओर के पॉइंट्स की पहचान से ही शुरु करें, यह पॉइंट 1 के रुप में भी जाना जाता हैं । चक्र Meditation सात प्रकार के होते हैं तो चलिए जानते हैं 

what is 7 chakra meditation :-   

         ◆ मुलाधार चक्र ( Root chakra ) – मुलाधार चक्र हमारी रीढ की हड्डी को सबसे निचले पार्ट के आसपास स्थित होता हैं । इसे शक्ति केंद्र भी कहा जाता है । यह चक्र हमारी वासना (sex) को संचारित करता । यह चक्र को कुल कुण्डलिनी का मुख्य स्थान कहा जाता हैं । इसे भौम मंडल भी कहा जाता हैं । भौतिक रुप से आरोग्य और सुगंध इसी चक्र से नियंत्रित होते हैं ।

       ◆  स्वाधिष्ठान चक्र  ( Sacral chakra ) – स्वाधिष्ठान चक्र का रुप अर्ध चंद्राकार हैं, यह जल तत्व का चक्र है और प्रजनन से जुड़ा है ।  स्वाधिष्ठान चक्र 6 पंखुडियों का होता हैं । इस चक्र का बीजमंत्र हैं “वं” इस चक्र को तामसिक चक्र माना जाता हैं । यह मानव शरीर के  रचनात्मक, प्रजजन एवं मानसिक रूप से भावात्मक सुख में निहित है ।

       ◆ मणिपूर चक्र ( Solar Plexus chakra ) :- मणिपूर चक्र नाभि के ठिक पीछे रीढ की हड्डी पर होता हैं । चक्र की आकृती त्रिकोण हैं । यह चक्र पाचन क्रिया से जुड़ा है । यह सन्तुष्टि के भाव में वृद्धि करता है ।

नीचे के तीन चक्र सांसरिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए होते हैं । जबकि ऊपर के चार चक्र अध्यात्मिकता से संबन्धित होते हैं । तो आओ जाने ऊपर के चार चक्रों के विषय में :-

चार अध्यात्मिकता चक्र:-

       ◆ अनाहत चक्र ( Heart chakra ) – अनाहत चक्र का रंग हरा होता हैं । यह चक्र दोनो छाती के बीच में होता हैं । यह चक्र मनुष्य के प्रेम दया भावना, करुणा से संबंधित हैं । तनावपूर्ण स्थितियों को निपटने में सहयोग करता हैं ।

       ◆ विशुद्ध चक्र ( Throat chakra) – गले के मध्य में हैं । इसका रंग गहरा नीला होता हैं । इसके बंद होने से मनुष्य सही तरिके से अपनी बात कह नहीं पाता हैं । यानी इनका प्रभाव वाणी पर होता है । यह चक्र अभिव्यक्ति, सवांद सप्रेषण एवं स्वतंत्र विचारों पर कंट्रोल करता है ।

   ◆ सहस्त्रार चक् ( Crown chakra ) – सहस्त्रार चक्र सिर के उस हिस्से में जहा छोटे बच्चे का तालू धडकता हुआ देखा जा सकता हैं । इसका रंग Purple /white होता हैं । यह मानव के भीतरी रूप से बुद्धि, मानसिक भावना एवं शारिरिक रूप से जैसे मृत्यु से सम्बंधित हैं । यानी परमात्मा का एहसास होने लगता है ।

        ◆ आज्ञाचक्र ( Third eye ) – मणिपूर चक्र माथे पर दोनों भौहोँ के बीच होता हैं । इसे तीसरी आँख भी कहा जाता है । इसका रंग गहरा नारंगी होता हैं । यह सिर के अंदर के सभी अंगो तथा ग्रथियों को प्रभावित करता हैं । इसका मंत्र “ओम” हैं । यह चक्र मानसिक सबलता के साथ शुद्ध अन्तःकरण से व्यवहार एवं अहं भाव को खत्म कर मार्गदर्शन प्रदान करता है ।

How to activate 7 chakras through meditation? ( 7 चक्र कैसे जागृत करे? ):-

अक्सर मनुष्य के निचे के 3 चक्र जागृत होते हैं । वह शारिरीक स्तर पर जीवन जीता हैं । सांसारिक एवं भौतिक आवश्यकता इससे बढकर वह ज्यादा सोचता हैं । बल्कि जब वो अपने उपर के अध्यात्मिक चक्रोको Active करने लगता हैं तो वो इन संसारिक परिस्थितियों से उपर उठने लगता हैं ।

आरामदायक स्थिति में बैठकर अपनी अस्थि पंजा ( रीढ़ की हड्डी ) को सीधा करते हुए बॉडी के प्रत्येक अंग को ध्यान में लाये ।

Seven chakra Meditation Techniques in Hindi
Seven chakra Meditation Techniques in Hindi

अपनी गहरी सांसों को ध्यान में लेते हुए फेफड़ों से नासिक तक बाहर निकालने का आभास करें । फिर आराम की अनुभूति करे । अब सांसो के साथ धड़कनों को भी ध्यान में लाये । फिर धीरे धीरे चारो तरफ एनर्जी लेवल के घेरे को महसूस करेंगे । चक्रों को संतुलित करने के लिए रंगों पर गौर करें । प्रति चक्र के लिए कम से कम 5 से 10 सांसे रोके फिर ले ।

अब प्रथम चक्र से सातवे चक्र तक आप धरती से आसमान तक की असीम ऊर्जा की अनुभूति करेंगे । अब अंत में अपनी सांस को धीरे धीरे ध्यान में लाते हुए आँखे खोले । फिर खुली आंख से दोहराये आप ताज़गी का आभास करेंगे ।

Benefits of chakra meditation ( चक्र ध्यान के फायदे ): –

आजकल सिद्धान्तों और नियमो की इतनी भरमार है कि लाइफ के टारगेट निर्धारित करना कुए में से पानी निकालने के बराबर है । कभी हमारा संतुलन न होने की वजह से भी जीवन का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते हैं ।

ऐसे में  Chakra Meditation एक प्रमुख कड़ी है जिससे हम आत्म संतुलन रख सकते हैं । ध्यान से हमारे सातों चक्र सक्रिय हो जाते हैं । जिससे हम अपना शारिरिक व मानसिक सतुलन रख सकते हैं । Meditation से न केवल फिज़िकली बल्कि मानसिक रूप से आप स्वस्थ रहेंगे । तो चलिए जानते Benefits of chakra meditation

       ◆ एकाग्रता – सातों चक्र खुल जाने से मनुष्य की एकांग्रता में वृद्धि होती है जिसे वह किसी भी कार्य को बेहतर तरीके से करने में सफल होता हैं ।

     ◆ स्वस्थ तन व मन – इन 7 चक्रों के जागृत होने से आपका शारिरिक एवं मानसिक रूप हमेशा तरोताजा महसूस करेंगे । जिसे आप किसी भी कार्य को पूर्ण शक्ति के साथ कर सकते हैं ।

     ◆ आत्मविश्वास – chakra meditation से आपकी निज शक्ति में इजाफा होगा । आप किसी भी कार्य को पूर्ण आत्मविश्वास से करने में सफल रहेंगे ।

     ◆ आनंदमय जीवन – इन 7 चक्रों के जागृत होने से आप अपना जीवन बहुत ही आनंदमय जीवन जीने में सफल रहेंगे । यानी आपके भीतर सारी शक्ति होगी जो जीवन में समय समय पर चाहिए होगी हैं जैसे धैर्य, एकांग्रता, आत्मविश्वास, भरोसा, विपरीत परिस्थितियों में पथ भृमित न होना एवं शारिरिक एवं मानसिक रूप से सन्तुलन । यानी आप स्वयं से जुड़े रहेंगे ।

अगर इनमें से कोई भी चक्र काम करना बंद कर दे तो सम्बंधित अंगो में बीमारी प्रकोप होने के चान्सेस बढ़ जाते हैं । इन 7 चक्रों को 3 हिस्सो में बाटा गया हैं । नीचे के 3 चक्र शारिरिक तथा उपर के 3 चक्र अध्यात्मिकता से जोडते हैं । मध्यम एक अनाहत चक्र हैं जो इन दोनो को जोडने का काम करता हैं ।

FAQ Related to What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi:-

Q. हमें chakra ko jagane ke liye dhyan kab karna chahie ?

Ans. चक्रों को जगाने के लिए वैसे तो सुबह का समय ठीक रहता है फिर भी अपनी सुविधानुसार समय का चयन जरूर करें । कभी भी दूसरों को देख कर अपना समय तय ना करें । लेकिन एक बार समय तय करने के बाद समय ना बदलें ।

Q. Yog aasno me kis chakra par dhyan lagaye ?

Ans. योग आसन करते समय केवल योगासन ही करें । किसी भी चक्र पर ध्यान ना लगाएँ

Q. Chakra ko kholne ke liye kitni der tak dhyan karna chahiye ?

Ans. चक्रों को जागृत करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार ही ध्यान करना चाहिए । चक्रों को जागृत करने एक समय में कम से कम 30 मिनट ध्यान करना चाहिए ।

Q. Kati chakra asana mee dhyan ka kendra kis chakra par hoga manipura chakra ya swadhisthana chakraAnswer ?

Ans. कभी कोई भी योगासन करते समय किसी भी चक्र पर डायएन एकाग्रित ना करें ।

Final words for What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi:-

मैं आशा करता हूँ कि आपको हमारा यह आर्टिक्ल (What is Seven Chakra Meditation Technique in Hindi) सात चक्र ध्यान तकनीक क्या है ? पसंद आया होगा ।

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