What is Anhad Naad in hindi ?

Anhad Naad

आज हम जानेंगे कि अनहद नाद क्या है? (What is Anhad Naad ?) आज मैं अपने 20 सालों के अनुभव, गहन अध्ययन, खोज और अभ्यास के आधार पर यह जानकारी आपके साथ साझा कर रहा हूं।

What is Anhad Naad in hindi ?

Anhad Naad अनहद नाद हमारे अंदर की आवाज है। लगातार ध्यान (Meditation) करने से हम अंदर प्रवेश करना शुरू कर देते हैं। हम जितना ज्यादा अपने अंदर उतरते हैं, उतना ज्यादा बाहरी आवाजों से कटते चले जाते हैं। इसी कारण हमें अपने अंदर की आवाज सुननी प्रारंभ हो जाती है।

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Anhad Naad
Anhad Naad

अंदर की यह आवाज अनहद नाद ही है। कोई भी आवाज जब होती है तब दो चीजें आपस में टकराती है लेकिन अनहद नाद किसी के टकराने की आवाज नहीं है। यह आवाज हमारे अंदर और बाहर हर जगह मौजूद है।

Anhad Naad Meaning

अनहद नाद एक संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है बिना किसी आहट के या बिना किसी टकराव के। और नाद का अर्थ है दिव्य ध्वनि । अनहद नाद का अर्थ है ऐसी दिव्य ध्वनि जो बिना किसी के टकराव से आती है। इसी को अध्यात्मिकता में अनहद नाद कहा जाता है।

Anhad Naad Meditation
Anhad Naad Meditation

सावधानियां(Precautions):-

1 जब भी आप अनहद नाद से संबंधित कोई भी ध्यान करते हैं तो आपको बैठने के लिए आसन, चद्दर, चटाई या कालीन आदि का प्रयोग करना चाहिए। जब हम अनहद नाद की किसी भी विधि का प्रयोग करते हैं तो ब्रह्मांड से उर्जा शरीर में प्रवाहित होती है। यदि हम बैठने के लिए ऊपरलिखित चीजों का प्रयोग नहीं करते हैं तो उर्जा आपके शरीर से होती हुई पृथ्वी में चली जाती है। इसी कारण हमें पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

2 बैठने के लिए आप किसी भी आसन का प्रयोग कर सकते हैं। ध्यान रखें कि आपके शरीर में उस आसन पर बैठने के बाद दर्द न हो अन्यथा पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। कोशिश करें सुखासन में ही बैठे । प्रारंभ में कोशिश करें की अभ्यास करते समय आपकी रीड की हड्डी सीधी हो। प्रारंभ में रीड की हड्डी सीधी न भी हो तो धीरे-धीरे अभ्यास करें । परंतु कोई भी काम शरीर को कष्ट देकर न करें।

3 अपनी सुविधानुसार आप ऊपर लिखित विधियों का प्रयोग बैठकर, कुर्सी पर, सोफे पर या बेड पर भी कर सकते हैं।

4 रोगी व्यक्तियों या अधिक आयु वाले व्यक्तियों या कम उम्र वाले व्यक्तियों को इन विधियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

5 जल्दी-जल्दी लाभ प्राप्त करने वाले लोगों को इन विधियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

6 अनहद नाद की किसी भी विधि को प्रयोग में लाने से पहले किसी योग्य गुरु से सलाह लेनी चाहिए। यदि संभव हो तो योग्य गुरु के सानिध्य में ही अभ्यास करें।

7 अनहद नाद को सुनने के लिए अपनी सुविधा अनुसार किसी एक विधि का चयन करें। फिर उस पर पूरा काम करें। बार-बार विधि न बदले । आपको अपनी सुविधानुसार जो भी आपको सबसे आसान विधि लगे उसी का प्रयोग करें।

8 यह मार्ग धैर्य का मार्ग है । धैर्य बनाए रखे हैं। लगातार अभ्यास करें। 9 अभ्यास को Step By Step करें। बीच-बीच में छोड़कर या सीधे अंतिम Step  को ना करें अन्यथा आपको पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। यहां अभ्यास करने वाले भी आप ही हैं और निरीक्षक भी आप ही हैं इसलिए बड़ी सजगता से काम करें।

10 केवल अभ्यास के समय ही अनहद नाद की ध्वनि पर ध्यान लगाएं या सुने । और दिनभर अपने दैनिक कार्यों को करें। यह बिंदु ध्यान करने वाले व्यक्तियों के लिए भी सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु है।

11 कुछ लोग जल्दी परिणाम प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार भी इन विधियों का प्रयोग करते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। कुछ लोग कई विधियों को Mix कर देते हैं जोकि गलत है। ऐसा करने से पूरा लाभ नहीं मिल पाता बल्कि लाभ जगह हानि होने लगती है।

12 हमें जीवन से भागना नहीं है। जीवन में पूर्णता के साथ जीना है। इसलिए ध्यान के समय ध्यान करें और पूरे दिन ध्यान को भूल कर अपने दैनिक कार्य करें। अपने दैनिक कार्यों को पूर्णता के साथ करें । क्योंकि ध्यान करने का एक ही मकसद है। जीवन को पूर्णता के साथ जीना । वह हमारा आध्यात्मिक जीवन हो या हमारा भौतिक जीवन हो ।

13 अनहद नाद से संबंधित भ्रांतियों से दूर रहना चाहिए और लगातार अभ्यास करते रहना चाहिए। आपको जो भी मिलेगा या अनुभव होगा वह सब अभ्यास से ही होगा।

14 अनहद नाद से संबंधित चमत्कारों से भी दूर रहना चाहिए। जो भी होगा वह केवल और केवल अभ्यास से ही होगा।

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What is Anhad Naad?

FAQ On Anhad Naad:-

अनहद नाद से संबन्धित मुझसे कुछ प्रशन पूछे गए जिनका मैं उत्तर दे रहा हूँ :-

kya ek nirankari anhad naad sun sakta hai ?
क्या एक निरंकारी अनहद नाद सुन सकता है ?

Yes / हाँ । बिलकुल सुन सकता है । अनहद नाद सबके अंदर है और बाहर है । ये मायने नहीं रहता की आप किस धर्म को मानते है या किसको मानते है । किसको Follow करते हैं। यही सभी धर्मों के लोगों के लिए समान है ।

Can hearing Anhad Naad helps to open your 7 chakras?
क्या अनहद नाद सुनने से आपके 7 चक्रों को खोलने में मदद मिलती है?

Yes/हाँ । बिल्कुल करता है । यह बहुत अच्छा रहेगा की आप कुण्डलिनी चक्रों को अनहद नाद के माध्यम से जाग्रत करें ।

How to hear Anhad Naad ?

आज अनहद नाद को सुनने के लिए कई विधियां प्रचलित हैं, लेकिन अधिकतर सही नहीं है। अनहद नाद अनुभव का विषय है। इसलिए अनहद नाद पर जो भी चर्चा हो वह अनुभव के आधार पर ही होनी चाहिए।
1 दोनों कानों में Ear-Buts लगाने पर अपने अंदर से आवाज आने लगती है क्योंकि हम बाहरी आवाजों से कट जाते हैं।
2 दोनों कानों को अपनी उंगलियों से बंद करना चाहिए । फिर कुछ देर बाद अंदर से झिंगूर जैसी आवाज आने लगती है। यही अनहद नाद है । यह आवाज रात में एक सुनसान जंगल के सन्नाटे जैसी होती है ।
3 भ्रामरी  प्राणायाम के अभ्यास से भी इस आवाज को सुना जा सकता है।
4 ॐ के गुजरण के माध्यम से भी इस आवाज को सुना जा सकता है।
5 अनाहद चक्र के जागरण के बाद अंदर से बहुत सी दिव्य ध्वनियां सुनाई देती हैं। अनहद नाद भी अनाहद चक्र के जागरण के बाद ही सुनता है। अनाहद चक्र के जागरण के बाद यह ध्वनि सुननी प्रारंभ हो जाती है। इसके कारण भी इस नाद ध्वनि को अनहद नाद कहा जाता है।
6 ध्यान की गहरी अवस्था में भी यह नाद ध्वनि अपने आप सुननी प्रारंभ हो जाती है।
7 आंतरिक रुप से शांत, सहज व सरल लोगों को यह आवाज थोड़े से अभ्यास से ही सुननी प्रारंभ हो जाती है और इसके लिए उनको अधिक प्रयास भी नहीं करना पड़ता।
8 बच्चों को या कम उम्र के लोगों को यह नाद ध्वनि जल्दी सुनती है।
9 कुंडलिनी जागरण वाले व्यक्ति को यह सहज ही सुन जाती है।

Final words for What is Anhad Naad in hindi ?:-

मैं ये आशा करता हूँ कि यह जानकारी ‘अनहद नाद क्या है? (What is Anhad Naad ?)’ आपको अच्छी लगी होगी ।

अनहद नाद को लगातार अभ्यास, सही मार्गदर्शन, सही ज्ञान व समझ के द्वारा सुना जा सकता है । और अपने जीवन की सभी समस्याओं से मुक्त होते हुए जीवन को पूर्णता के साथ जिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए आप Comment Section में हमें मैसेज भी कर सकते हैं। और कोई सुझाव भी दे सकते हैं। अच्छे, सही व सकारात्मक परिवर्तन के लिए हम सदैव तैयार रहते हैं।

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